जानिए पैंक्रियाटिक कैंसर के बारे में जिससे हुई पंकज उधास की मौत, क्यों होता है ये कैंसर?

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मशहूर गजल गायक पंकज उधास का सोमवार को निधन हो गया, वह 72 वर्ष के थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे, उन्हें कैंसर था। पंकज उधास के निधन से पूरा देश गमगीन है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वह पैंक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित थे, जिसका लंबे समय से उपचार चल रहा था।

पैंक्रियाटिक कैंसर को अग्नाशय के कैंसर के नाम से भी जाना जाता है जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। हालिया अध्ययनों में पाया गया है कि युवाओं में पिछले कुछ वर्षों में इस कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। ये मुख्यरूप से अग्नाशय में होने वाला कैंसर है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर समय रहते इस कैंसर का निदान हो जाए तो उपचार आसान हो जाता है रोगी के जीवित रहने की संभावना भी अधिक हो सकती है। हमारी जीवनशैली की कुछ गड़बड़ आदतों को इस प्रकार के कैंसर का प्रमुख कारक माना जाता है जिसको लेकर सभी लोगों को कम उम्र से ही ध्यान देते रहना चाहिए।

पैंक्रियाटिक कैंसर की समस्या और मृत्युदर

एक लाख पुरुषों-महिलाओं में इस कैंसर के कारण मृत्यु दर 11.1 फीसदी रिपोर्ट की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पैंक्रियाटिक कैंसर के कारण और जोखिमों के बारे में जानना सभी लोगों के लिए जरूरी है, ताकि इसके कारण होने वाले जोखिमों को कम किया जा सके।

अग्न्याशय पेट के निचले भाग में स्थित होता है, ये भोजन को पचाने में मदद करने और रक्त शर्करा को प्रबंधित करने वाले हार्मोन्स को उत्पादित करता है। अग्न्याशय में कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि की स्थिति इस कैंसर कारण बनती है। अग्नाशय कैंसर जानलेवा हो सकता है, इसलिए समय रहते इसके लक्षणों को पहचान और इसका उपचार शुरू किया जाना जरूरी हो जाता है। आइए इसके संकेतों को बारे में जानते हैं।

पैंक्रियाटिक कैंसर की पहचान कैसे करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अग्न्याशय के कैंसर के मामलों का शुरुआती चरणों में पता नहीं चल पाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसके लक्षण तभी दिखते हैं जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है। हालांकि इसके संकतों पर ध्यान देते रहना बहुत जरूरी है। शरीर में होने वाली कुछ समस्याएं आपमें अग्नाशय कैंसर का संकेतक हो सकती हैं।

अगर आपके पेट में अक्सर दर्द रहता है और ये बाजू या पीठ तक फैल जाता है, कुछ समय से भूख में कमी और वजन घटने की दिक्कत महसूस हो रही है, शौच में दिक्कत और पेशाब का रंग काफी गहरा रहता है तो इन संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। पेट में महसूस होने वाली किसी भी असामान्य समस्या के बारे में समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

अग्नाशय कैंसर क्यों होता है?

विशेषज्ञ कहते हैं, यह स्पष्ट नहीं है कि अग्नाशय का कैंसर क्यों होता है, पर डॉक्टरों का मानना है कि कुछ कारक आपमें इसके जोखिमों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। यदि आपके परिवार में पहले से किसी को ये कैंसर रहा है या फिर आप अधिक धूम्रपान करते हैं तो इस कैंसर का जोखिम अधिक हो सकता है।

इसके अलावा टाइप-2 डायबिटीज, अग्न्याशय में सूजन, मोटापा और शराब का अधिक सेवन भी आपको इस कैंसर का शिकार बना सकता है। अग्नाशय कैंसर से पीड़ित अधिकांश लोग 65 वर्ष से अधिक उम्र के देखे जाते रहे हैं, जिसका मतलब है कि उम्र बढ़ने के साथ इस कैंसर का खतरा भी अधिक हो सकता है।

बार-बार पीलिया होती है तो हो जाएं सावधान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अग्न्याशय का कैंसर लिवर की पित्त नली को अवरुद्ध कर देता है जिसके कारण बार-बार पीलिया होने की दिक्कत भी बनी रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अपने जोखिम कारकों को समझते हुए समय रहते स्क्रीनिंग कराना, धूम्रपान-शराब से दूरी बनाना, वजन को कंट्रोल रखना आपको भविष्य में इस रोग के खतरे से आपको बचा सकता है।

अध्ययनों में देखा गया है कि कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं, इसलिए कैंसर से बचाव को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहना जरूरी है।