डायरिया से एक और मौत, बिलासपुर शहर में अब तक 5 लोगों ने तोड़ा दम

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बिलासपुर। वर्षा शुरू होते ही शहरी के साथ ही अब ग्रामीण क्षेत्र में भी डायरिया के मरीज मिलने लगे हैं। सिम्स में भर्ती बिल्हा निवासी 32 वर्षीय महिला की बुधवार की दोपहर मौत हो गई है। वह डायरिया से पीड़ित चल रही थी।

साफ है कि धीरे-धीरे डायरिया पूरे जिले में फैलने लगा है। मौजूदा स्थिति में शहर के चांटीडीह में डायरिया का प्रकोप चल रहा है। जहां छह दिन के भीतर चार की मौत हो चुकी है और अब तक 265 मरीज मिल चुके हैं। बिल्हा निवासी 32 वर्षीय परमेश्वरी बाई को उल्टी-दस्त की वजह से बीते रविवार को सिम्स में भर्ती कराया गया था। उसके सैंपल की रिपोर्ट में डायरिया होने की पुष्टि की गई।

जांच में यह बात भी सामने आई कि परमेश्वरी की किडनी भी लगभग खराब हो चुकी है। ऐसे में हालत और भी गंभीर हो गई है और लगातार उल्टी हो रही है। इलाज व दवाओं के सेवन के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं आ पा रहा था। बुधवार की दोपहर उसकी मौत हो गई। वहीं इस मौत के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया है। अब दूसरे क्षेत्रों में भी डायरिया फैलने की आशंका प्रबल हो चुकी है।

इन बातों को ध्यान में रखते हुए ही सीएमएचओ डा़ राजेश शुक्ला ने बिल्हा ब्लाक के खंड चिकित्सा अधिकारी को बिल्हा क्षेत्र में सर्वे कराने और मरीज मिलने की पर इलाज व डायरिया नियंत्रण के कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बाक्स चांटीडीह में मिले आठ नए मरीज इधर, चांटीडीह क्षेत्र में फैला डायरिया अब तक नियंत्रण में नहीं आ सका है। लगातार दिनों में मरीज मिलने का सिलसिला अब भी जारी है।

बुधवार को प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए शिविर में आठ नए डायरिया मरीज मिले हैं। जिन्हें आवश्यक दवाएं देकर घर से इलाज किया जा रहा है। इसी तरह क्षेत्र के घरों में सर्वे अभी भी चल रहा है और क्लोरिन टेबलेट और अन्य जरुरी दवाओं का वितरण किया जा रहा है। बाक्स् शहर के हर क्षेत्र में है डायरिया मरीज बारिश का मौसम आने के बाद से शहर के अलग-अलग क्षेत्र से डायरिया के मरीज मिल रहे है, क्योंकि सिम्स व जिला अस्पताल में रोजाना इनके मरीज पहुंच रहे हैं।

उनकी जांच में डायरिया होने की भी पुष्टि की जा रही है। साफ है कि आने वाले दिनों में डायरिया नियंत्रण पर काम नहीं किया गया तो इसका प्रकोप बढ़ने की प्रबल आशंका रहेगी। बाक्स दूषित पानी ही बना वजह, पानी के 19 सैंपल में डायरिया का वायरस आखिरकार चांटीडीह में डायरिया फैलने की वास्तविक वजह सामने आ गई है। चिकित्सकों ने दूषित पानी के वजह से लोगों के बीमार होने की आशंका जताई थी। ऐसे में नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्र के अलग-अलग 69 क्षेत्रों से पानी का सैंपल लिया था।

उसे जांच के लिए सिम्स के माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट में भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट बुधवार को दी गई है। 69 में से पानी के 19 सैंपल दूषित मिले हैं। इसमें डायरिया के वायरस होने की पुष्टि भी कर दी गई है। साफ है कि दूषित पानी पीने की वजह से लोग बीमार पड़े हैं। वहीं फिर से इन 19 स्थानों से पानी का सैंपल लिया गया है।

नगर निगम जल विभाग के प्रभारी अजय श्रीवासन ने भी पुष्टि करते हुए जानकारी दी है कि शनिवार को ही इस क्षेत्र की पुरानी पाइपलाइन को हटाकर नई पाइपलाइन जोड़ी गई है। ऐसे में साफ पानी आने की पूरी संभावना है। इसलिए एक बार फिर पानी का सैंपल लिया गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद डायरिया नियंत्रण के लिए नई प्लानिंग के तहत काम किया जाएगा।