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पुतिन के इस आदेश के बाद रूस में मची भगदड़, देश छोड़ रहे युवाओं ने कहा-‘बेमतलब की जंग में नहीं मरना चाहते‘, जानें पूरा मामला

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रूस और यूक्रेन की जंग के बीच रूसी नागरिक अब जंग से परेशान हो गए हैं। जहां पुतिन अब यूक्रेन पर ‘बड़ा‘ हमला करने की सोच रहे हैं, वहीं रूस की जनता अब परेशान हैं। खासतौर पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती का आदेश दिया है, तब से युवाओं में काफी हड़कंप है। दरअसल, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आदेश दिया है कि युवाओं को सेना में मिलिट्री सेवा देने के लिए इकट्ठा किया जाए। इसके विरोध में कई युवाओं ने देश छोड़ दिया है। वहां युवाओं के बीच भगदड़ मच गई है।

यूक्रेन से रूस की जंग के बीच रूस में माहौल अफरातफरी का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहां कई युवा बिना कोई सामान लिए अलग अलग जगहों पर भाग गए हैं।  इन्हीं में से एक युवा दमित्री अरमेनिया पुहंचे। वह महज एक छोटा सा बैग लेकर पत्नी और बच्चों को छोड़कर यहां भाग आए। यह युवा यूक्रेन से जंग नहीं लड़ना चाहते। दमित्री ने कहा- ‘मैं जंग के लिए नहीं जाना चाहता, मैं इस अर्थहीन युद्ध में मरना नहीं चाहता। यह भाई का कत्ल करने जैसा है।‘

रूस में आखिर क्यों है अफरातफरी का माहौल?

दरअसल, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आदेश दिया है कि युवाओं को सेना में मिलिट्री सेवा देने के लिए इकट्ठा किया जाए। इसके विरोध में कई युवाओं ने देश छोड़ दिया है। युवाओं की भगदड़ के बीच एक 44 वर्षीय युवक सर्गेई अपने बेटे के साथ्ज्ञ आए हैं। उन्होंने कहा कि आज रूस की परिस्थिति बड़ी विकट हो गई है। इस वजह से हर व्यक्ति वहां से निकलना चाह रहा है। अरमेनिया एयरपोर्ट पर सर्गेई बदहवास स्थिति में थे। वे इतने डरे हुए थे कि उन्होंने रूस में भगदड़ वाली बात की पुष्टि जरूर की, लेकिन अपना पूरा नाम बताने से मना कर दिया।

सर्गेई के बेटे 17 वर्षीय निकोलई ने कहा कि हमने सरकारी आदेश का इंतजार नहीं किया। उन्होंने कहा कि मैं डार हुआ नहीं हूं, लेकिन मुझे अनिश्चितता दिखाई दे रही है। इस जंग का क्या और कब अंत होगा, नहीं पता। और अब तो बड़ी संख्या में देश के युवाओं की सैनिकों में भर्ती के आदेश से युवाओं में अजीब सी हताशा है। येरेवान की एक ही फ्लाइट में पहुंचे कई रूसी नागरिकों का करीब-करीब यही कहना था। 39 साल के एलेक्सेई ने कहा कि 21वीं सदी में जंग बेतुकी बात है। उन्होंने कहा कि अब वे शायद ही कभी रूस लौट सकें। यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

येरवान बना रूसी युवाओं के लिए अहम पनाहगार

इस साल फरवरी माह से छिड़ी यूक्रेन और रूस की जंग के बाद रूस छोड़ने वालों के लिए येरवान एक अहम पनाहगार बन गया है। अरमेनिया एडमिनिस्ट्रेशन का इस बारे में कहना है कि तब से लेकर अब तक 40 हजार रूसी नागरिक उनके देश में आ चुके हैं। इसके अलावा करीब 50 हजार रूसी नागरिक जॉर्जिया जैसे पड़ोसी देशों में चले गए हैं।

युवाओं के भागने की खबरें झूठीं. सरकार

जहां एक ओर रूसी लोग पड़ोसी देशों की ओर रूख कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रूसी सरकार का कहना है जंग से बचने युवाओं के देश छोड़ने की खबरें झूठी और भ्रामक हैं। सरकारी प्रवक्ता डिमित्री पेस्कोव ने कहा कि इस बारे में कई गलत जानकारियां सामने आ रही हैं।

पीएम मोदी ने भी पुतिन को कही यही बात कि ‘जंग ठीक नहीं‘ 

उज्बेकिस्तान के समरकंद में हाल ही में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन ‘एससीओ‘ के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि आधुनिक दौर युद्ध का युग नहीं है।‘

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