सिद्धारमैया को कर्नाटक का ताज, डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम पर राजी, 20 मई को शपथ

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कर्नाटक में मुख्यमंत्री को लेकर लगातार चार दिन मंथन के बाद कांग्रेस हाईकमान ने फैसला ले लिया है. सिद्धारमैया कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे और डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक सरकार के गठन के लिए आम सहमति पर पहुंच गए हैं. शपथ ग्रहण समारोह 20 मई को दोपहर 12.30 बजे बेंगलुरु में होगा.

कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक आज (18 मई) शाम 7 बजे बेंगलुरु में बुलाई गई है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के केंद्रीय पर्यवेक्षकों को CLP बैठक के लिए बेंगलुरु पहुंचने के लिए कहा गया है. इससे पहले बुधवार को कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि अगले मुख्यमंत्री के बारे में आज या कल फैसला किया जाएगा और 72 घंटे के भीतर नया मंत्रिमंडल बन जाएगा.

देर रात आम सहमति पर पहुंचे खड़गे

बुधवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की कांग्रेस हाईकमान के साथ बैठकों का लंबा सिलसिला चलता रहा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के बीच कई दौर की चर्चा हुई. बैठक में डीके शिवकुमार को भी सहमति बनाने के लिए बैठाया गया था. इससे पहले दिन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर साझा समझौते की खबरें आईं. दावा किया गया कि बेंगलुरु में शपथ ग्रहण की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. लेकिन शाम होते-होते पार्टी ने इस बात का खंडन कर दिया और कहा गया कि अभी सीएम का नाम तय करने में 2-3 का वक्त और लगेगा. अब देर रात खबर आई है कि अगले मुख्यमंत्री पर सहमति बन गई है.

पहले ढाई-ढाई के फॉर्मूले पर हुई चर्चा

दरअसल, दिन में लंबी कवायद के बाद पार्टी में ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर भी चर्चा हुई. इस पर भी डीके शिवकुमार ने शर्त जाहिर कर दी थी. सूत्रों की मानें तो डीके शिवकुमार का कहना था कि अगर यह एक साझा समझौता है तो भी पहले ढाई साल का कार्यकाल मुझे दिया जाए जबकि दूसरा सिद्धारमैया को. डीके शिवकुमार का कहना था कि मुझे पहला कार्यकाल दिया जाए या फिर मुझे कुछ नहीं चाहिए. मैं उस स्थिति में भी चुप रहूंगा. साथ ही डिप्टी सीएम पद के लिए भी डीके शिवकुमार ने साफ मना कर दिया था.

‘वन मैन शो नहीं चाहता था कांग्रेस हाइकमान’

डीके शिवकुमार ने बुधवार को एक बार फिर मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके आवास पर मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक, डीके अपनी शर्त से पीछे हटने को तैयार नहीं थे और डिप्टी सीएम का पद स्वीकार नहीं कर रहे थे. बाद में पार्टी हाइकमान ने बात की और भरोसे में लिया. पार्टी आलाकमान का मानना था कि ना तो सिद्धारमैया और ना ही डीके अकेले शपथ ले सकते हैं. चुनाव में जीत एक सामूहिक नेतृत्व की वजह से हुई है और शीर्ष नेतृत्व किसी भी कीमत पर वन-मैन शो नहीं चाहता था.

‘मीडिया में बयान देने से बचते रहे दोनों दावेदार’

वहीं, सीएम पद के दोनों दावेदार दो दिन से राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले रहे. इस बीच, दोनों नेताओं की तरफ से ऐसा कोई भी बयान या प्रस्ताव देने से परहेज किया गया, जिससे पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़े.

कर्नाटक में कांग्रेस ने 135 सीटें जीतकर हासिल किया बहुमत

बता दें कि कांग्रेस ने 10 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की है. पार्टी को 224 सीटों में से 135 सीटों पर जीत मिली है. राज्य से भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया है. बीजेपी 66 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर आई. जबकि जेडीएस को सिर्फ 19 सीटें मिलीं. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से कांग्रेस में राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कवायद तेज हो गई थी.