अस्पताल में चौंकाने वाला हादसा, इलेक्ट्रिक शॉक देते समय ऑक्सीजन मास्क में लगी आग, झुलसने से मरीज की मौत

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कोटा: कोटा के अस्पताल यहां होने वाले कारनामों के चलते हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। अब यहां के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल से बड़ी दर्दनाक खबर सामने आई है। 30 साल के वैभव शर्मा को इलेक्ट्रिक शॉक देते वक्त चिंगारी निकली और ऑक्सीजन मास्क में आग लग गई। इससे मरीज का मुंह और गले के नीचे छाती तक का हिस्सा आग से झुलस गया। इस हादसे के बाद मरीज वैभव की मौत हो गई।

मरीज के मास्क में आग लगने के बाद चिकित्सा स्टाफ भागा- परिजन
वैभव शर्मा के परिजनों ने चिकित्साकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मास्क में आग लगी तो चिकित्सा स्टाफ मौके से भाग गया। चिकित्सा स्टाफ के असंवेदनशील होकर भागने और मास्क में आग लगने से मरीज की मौत हो गई। इन गंभीर आरोपों के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

धरना शुरू, परिजनों को आर्थिक मदद और नौकरी की मांग
इस घटना के बाद अस्पताल के बाहर बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अस्पताल के गेट नंबर 4 पर अब भी धरना दिया जा रहा है। सभी नेता एक मंच पर बैठकर पूरे मामले की जांच, पीड़ित परिवार को न्याय, आर्थिक मदद और आश्रितों को नौकरी दिलवाने की मांग कर रहे हैं।

जिला प्रशासन हरकत में आया, 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब

घटना के बाद अब कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिला कलेक्टर, एसडीएम, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और अस्पताल अधीक्षक पूरे मामले में सक्रिय दिख रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. संगीता सक्सेना ने एक बयान में कहा है कि हाई लेवल की कमेटी गठित कर उससे जांच करवाई जा रही है। 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के बाद ही हकीकत सामने आएगी।

कौन था वैभव शर्मा, क्या इलाज हो रहा था?

अभी तक की पड़ताल में सामने आया है वैभव शर्मा की उम्र 30 वर्ष थी। वो पेट दर्ज की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हुआ था। कोटा के अनंतपुरा तालाब गांव में रहने वाले लकी शर्मा ने बताया कि वो अपने बड़े भाई वैभव शर्मा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दिखाने आया था। दवा के बाद भी आराम नहीं आया तो डॉक्टर ने सोनोग्राफी जांच करवाई। इसके बाद डॉक्टर ने कहा कि उसकी आंतो में छेद है और 6 जुलाई को वैभव को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। ऑपरेशन हुआ और उसके बाद वैभव को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

तबीयत बिगड़ी तो आईसीयू में ले गए, वहीं हादसा

लकी शर्मा ने बताया कि बुधवार को वैभव की तबीयत वापस बिगड़ी। उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। रात 10 बजे घबराहट होने पर ऑक्सीजन मास्क लगाया था। धड़कनें काफी कम होने लगी तो डॉक्टर और स्टॉफ आया। उन्होंने डिफाइब्रिलेटर से डायरेक्ट करंट कार्डियोवर्जन यानी डीसी शॉक दिया। मृतक के छोटे भाई लकी शर्मा का दावा है कि उसे दो तीन बार डीसी शॉक दिया। अचानक से ऑक्सीजन मास्क में चिंगारी उठी और आग लग गई। आग तेजी से फैली तो यह देख स्टॉफ वहां से भाग गया। छोटे भाई गौरव ने आग बुझाई। उसके हाथ झुलस गए। वैभव का चेहरा, गर्दन से नीचे छाती का हिस्सा झुलस जाने से उसकी मौत हो गई।

डॉक्टरों का दावा, पहले ही मौत हो चुकी थी

मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. संगीता सक्सेना मीडिया से कहा है कि शुरुआती जांच पड़ताल में मरीज की पहले ही मौत की बात सामने आई है। स्टाफ से पता चला है कि मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी। आक्सीजन सपोर्ट देकर वेंटिलेटर पर लिया हुआ था। इसी दौरान मरीज की मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने एक बार उसे सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया। बचाने का अंतिम प्रयास करते हुए, इलेक्ट्रिक शॉक भी दिए जा रहे थे। तभी एक चिंगारी इलेक्ट्रिक शॉक से निकली, वह आक्सीजन मास्क पर चली गई। इसी के चलते आग लगी थी। मरीज की मौत पहले ही हो चुकी थी।