वीरेंद्र सहवाग बनने जा रहे टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर? BCCI अधिकारी के इस बयान ने मचाई सनसनी

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BCCI को नोर्थ जोन से एक नेशनल सेलेक्टर की तलाश है, जो भारतीय सेलेक्शन कमिटी में चेतन शर्मा की जगह लेगा. पूर्व चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा को फरवरी 2023 में एक स्टिंग आपरेशन के बाद अपना पद गंवाना पड़ा था. इस स्टिंग में वह भारतीय खिलाड़ियों और टीम चयन को लेकर गोपनीय जानकारी पर बात करते नजर आए थे. वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, आशीष नेहरा, युवराज सिंह और हरभजन सिंह नार्थ जोन के खिलाड़ी हैं. इन दिग्गजों में वीरू का दावा सबसे मजबूत है.

वीरेंद्र सहवाग बनने जा रहे टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर?

BCCI को नोर्थ जोन से एक नेशनल सेलेक्टर की तलाश है, क्योंकि नियमों के मुताबिक BCCI में 5 सेलेक्टर्स की टीम होती है, जिसमें से एक को चीफ सेलेक्टर बनाया जाता है. इस वक्त शिव सुंदर दास अंतरिम चीफ सेलेक्टर हैं, लेकिन चीफ सेलेक्टर नोर्थ जोन के सेलेक्टर को बनाया जा सकता है, जो चेतन शर्मा की जगह लेंगे. इस समय नोर्थ जोन से चयन समिति में शामिल किए जाने के लिए एक ही बड़ा नाम उभरता है और वह है वीरेंद्र सहवाग. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, ‘प्रशासकों की समिति के कार्यकाल के दौरान वीरू को मुख्य कोच के पद के लिये आवेदन करने के लिए कहा गया जो बाद में अनिल कुंबले बने. अब नहीं लगता कि वह खुद से आवेदन करेंगे. इसके अलावा उनके जैसे बड़े खिलाड़ी को उसके कद के अनुरूप वेतन भी देना होगा.’

BCCI अधिकारी के इस बयान ने मचाई सनसनी

नार्थ जोन से अन्य दिग्गज खिलाड़ी या तो प्रसारक चैनलों से जुड़े हैं या आईपीएल टीमों से. कुछ की अकादमियां है तो कुछ कॉलम लिखते हैं. गौतम गंभीर, हरभजन सिंह और युवराज सिंह भी उत्तजर क्षेत्र से है लेकिन क्रिकेट को अलविदा कहे को पांच साल पूरा होने के मानदंड पर खरे नहीं उतरते. भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह दो बार आवेदन कर चुके हैं. पहली बार उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, लेकिन दूसरी बार नहीं.

चेतन शर्मा की जगह कौन लेगा?

भारतीय क्रिकेट के बड़े नाम राष्ट्रीय चयनकर्ता के पद के लिए आवेदन करने से अक्सर कतराते आए हैं और जानकारों का मानना है कि जो बनना भी चाहते हैं, उन्हें इस पद के लिए वेतन कम होने के कारण गंभीरता से नहीं लिया जाता. इसका कारण है वेतन कम होना. नार्थ जोन से चेतन शर्मा की जगह बीसीसीआई को तब तक कोई बड़ा नाम नहीं मिलेगा, जब तक वेतन में इजाफा नहीं होता. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिवसुंदर दास को शर्मा की जगह अध्यक्ष बनाया गया जबकि एस शरत (दक्षिण), सुब्रोतो बनर्जी (मध्य) और सलिल अंकोला (पश्चिम) चयन समिति में हैं.

संदीप पाटिल भी इसके अध्यक्ष रहे

सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष को एक करोड़ रूपये सालाना मिलते हैं जबकि चार अन्य सदस्यों को 90 लाख रूपये सालाना दिए जाते हैं. आखिरी बार कोई बड़ा क्रिकेटर चयन समिति का अध्यक्ष था जब दिलीप वेंगसरकर (2006 से 2008) और कृष्णामाचारी श्रीकांत (2008 से 2012) ने यह जिम्मेदारी संभाली थी. वेंगसरकर का काम अवैतनिक था जबकि श्रीकांत के चयनकर्ता बनने के बाद से बीसीसीआई ने वेतन देना शुरू किया. मोहिंदर अमरनाथ भी चयन समिति में थे और संदीप पाटिल भी इसके अध्यक्ष रहे.