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आज आएगा कांग्रेस अध्यक्ष पद का रिजल्ट, 24 साल बाद पहली बार गांधी परिवार से बाहर का कोई बनेगा अध्यक्ष

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दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आज मतगणना होगी और इसी के साथ 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना जाएगा. मतगणना आज सुबह 10 बजे कांग्रेस मुख्यालय में शुरू होगी. अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच टक्कर है. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए लंबे समय से जद्दोजहद चल रही है. इस बार गांधी परिवार की तरफ से किसी के भी अध्यक्ष बनने से इनकार करने पर वोटिंग को लेकर बात उठी, लेकिन चुनाव के आयोजन में भी काफी समय लग गया.

सोमवार को हुई थी वोटिंग

इस चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत करीब 9500 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) ने पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान किया था. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लगभग 9900 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) में से करीब 9500 मेंबर्स ने सोमवार को मतदान किया था. सोमवार को करीब 96 प्रतिशत मतदान हुआ था. गांधी परिवार से करीबी और कई वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के चलते मल्लिकार्जुन खड़गे की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन शशि थरूर की वजह से मुकाबला कड़ा माना जा रहा है. थरूर चौंका भी सकते हैं.

कब-कब गैर गांधी रहा है अध्यक्ष
कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है. अध्यक्ष पद के लिए अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं. पूरे 22 वर्षों के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है. इस चुनाव से 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना जाएगा. इससे पहले सीताराम केसरी गैर-गांधी अध्यक्ष रहे थे.

थरूर बोले- लक्ष्य पाने के तरीकों में आएगा बदलाव
शशि थरूर ने निर्वाचकों से ‘‘बदलाव अपनाने’’ का साहस दिखाने का आह्वान करते हुए रविवार को कहा था कि वह जिन बदलावों के बारे में सोच रहे हैं, उनमें पार्टी के ‘‘मूल्यों’’ में कोई बदलाव नहीं होगा और केवल लक्ष्य पाने के तरीकों में परिवर्तन आएगा. वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा था कि अगर वह अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें पार्टी के मामलों में गांधी परिवार की सलाह और सहयोग लेने में कोई झिझक नहीं होगी, क्योंकि उस परिवार ने काफी संघर्ष किया है और पार्टी के विकास में बड़ा योगदान दिया है.