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यहूदी दुनिया में इस वक्त सबसे अधिक ताकतवर आखिर क्यों… Monthly coloum of Nishchay Kumar……

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यहूदी दुनिया में इस वक्त सबसे
अधिक ताकतवर आखिर क्यों…

हस्ताक्षर न्यूज. ईरान और इज़राईल के युद्ध में अमरीकी हस्तक्षेप का प्रमुख कारण यहूदी कौम है। अमेरिका में यहूदियों की संख्या छह मिलियन यानी कि 60 लाख के करीब है। अमेरिका में यहूदी बहुत ही अधिक शक्तिशाली हैं। इसके पीछे वजह यह है कि यहूदी अत्यंत विद्वान कौम होने के साथ-साथ बेहद अमीर भी हैं। फेसबुक के मालिक मार्क जकरबर्ग भी यहूदी हैं। टेस्ला और ट्विटर के मालिक एलन मस्क भी यहूदी हैं। ऐसे अनेक लोग हैं जो अमेरिका में बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली हैं। ट्रंप के चुनाव के दौरान एलन मस्क ने जिस तरह से मदद की थी यह सारी दुनिया जानती है। हालांकि बाद में दोनों के बीच दूरियां बन गई।

यहूदियों का इतिहास ईसा मसीह के वक्त से है। लेकिन ये किसी देश के निवासी कभी नहीं रहे। वर्तमान में जो इज़राईल देश है उसकी मुख्य जमीन फिलिस्तीन की है। अमेरिका की मदद की वजह से फिलिस्तीन की जमीन पर इज़राईल के यहूदी लोग बसे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यहूदियों ने इज़राईल को बसाया है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर ने यहूदियों का बड़ी संख्या में कत्लेआम किया था। बहुत सारे देशों से यहूदी भगाए गए। जर्मनी, फ्रांस, इटली सहित कई देशों में इनके घुसने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। लेकिन इन लोगों के पास पैसे बहुत थे। अमेरिका ने इन यहूदियों की मदद द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की। फिलिस्तीन की जमीन को पैसे देकर वहांं के नागरिकों से इज़राईल ने जमीन खरीदी। धीरे-धीरे ये इतने पावरफुल हो गए कि फिलिस्तीन की 60 प्रतिशत से अधिक जमीन पर इनका कब्जा हो गया। इसके बाद यूएनओ ने भी इनकी मदद की। यूएनओ अमेरिका के हिसाब से चलता है। इज़राईल को यूएनओ ने एक देश का दर्जा दे दिया। इसके बाद फिलिस्तीन के बहुत बड़े नेता यासिर अराफात ने इस बात का विरोध किया। तब से लेकर अब तक गाज़ा पट्टी पर इज़राईल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष चल रहा है। अब बात ईरान की की जाए। ईरान और इज़राईल के बीच इस बात को लेकर तकरार है कि लेबनान का आतंकवादी संगठन अल हमास की मदद ईरान करता आ रहा है। इस बात का विरोध इज़राईल करता है। यही मुख्य वजह है कि ईरान और इज़राईल के बीच संघर्ष चल रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका की नीति तेल के ईर्द-गिर्द भी घूम रही है। जिस तरह से अमेरिका ने वेनेजुएला पर तेल के लिए कब्जा किया उसी तरह से ईरान के कब्जे की होरमुस की खाड़ी पर अमेरिका अपना आधिपत्य करना चाहता है। कारण यह है कि विश्व का लगभग 20 प्रतिशत से अधिक तेल का व्यापार इस संकरे से रास्ते से होकर गुजरता है। यही वजह है कि अमेरिका युद्ध में बीच में कूद गया…
-निश्चय विभु कुमार