हस्ताक्षर न्यूज.
मुख्यमंत्री (Vishnudeva Sai)ने वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से 26 जनवरी तक राज्यभर में इस योजना के तहत तीन विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को रोजगार देना नहीं, बल्कि गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विकास और आजीविका के अवसर बढ़ाना भी है।
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा, ACS ऋचा शर्मा और VB – GRAMG के आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई वीबी-जी राम जी योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार ने राज्यांश सहित 5,591 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में 1,264 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।
15 अगस्त से तीन बड़े अभियान शुरू होंगे।
पहला अभियान ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान होगा। इसके तरह प्रदेश के 6,671 विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
दूसरा ‘मुक्तिधाम विकास अभियान’ होगा। इसमें राज्य में 6,524 मुक्तिधामों का निर्माण और वहां प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक निर्माण पर 6 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
तीसरा अभियान ‘मोर गांव, मोर पानी अभियान’ है, जिसमें प्रदेश के 10,027 सूखे और अनुपयोगी हैंडपंपों में सैंड फिल्टर आधारित वाटर रिचार्ज का कार्य किया जाएगा। इस अभियान पर 52 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मजदूरी भुगतान में देरी पर अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के लिए एडवांस में राशि उपलब्ध रहने से कार्यों में देरी नहीं होगी। ग्रामीणों को मजदूरी भुगतान की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जनपद पंचायत में किसी अभियान की मांग जमा होते ही कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होगा।
मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपए प्रतिदिन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा में मजदूरी 261 रुपये प्रतिदिन थी, जिसे बढ़ाकर अब 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। योजना के तहत 318 प्रकार के कार्य किए जाएंगे, जिनमें जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वहीं ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए 86 प्रकार के आजीविका संवर्धन कार्य भी शामिल किए गए हैं।



























