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हिंदुस्तान को इंडियन टीचिंग सर्विसेस की जरूरत….. एजुकेशन सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर से नहीं अच्छे शिक्षकों से ही बदला जा सकता है……monthly coloum of Nishchay Kumar

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देश को इंडियन टीचिंग सर्विसेस की जरूरत

देश की आजादी से लेकर अब तक 79 सालों में 14 व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेन्द्र मोदी तक शिक्षा के विकास के लिए बहुत कम काम हुआ है।

अंग्रेजों की बनाई हुई लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति को आजादी के बाद अपनाया गया। अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए ब्यूरोक्रेटिक सिस्टम को ही लागू किया गया। उसमें थोड़ा बहुत फेरबदल समय-समय पर होता रहा। ज्यूडीशियरी सिस्टम भी कमोबेश अंग्रेजों का ही बनाया हुआ है। जंतर-मंतर के नौजवानों के आंदोलन से एक बात निकलकर यह आई कि भारत में शिक्षा प्रणाली काफी कमजोर है।

मेरी समझ के मुताबिक हिंदुस्तान में जिस तरह से सिविल सर्विसेस की परीक्षा यूपीएससी लेता है, कुछ उसी तर्ज पर इंडियन टीचिंग सर्वेिसेस (ITS) यानी कि भारतीय शिक्षा सेवा की शुरुआत होनी चाहिए। जिस तरह से सिविल सर्विसेस में स्नातक तक की शिक्षा अनिवार्य है उसके बाद छात्र सिविल सर्विसेस एक्जाम में अपियर हो सकता है। उसी तर्ज पर स्नातक के बाद भारतीय शिक्षा सेवा की परीक्षा यूपीएससी को लेना चाहिए। सिविल सर्विसेस की तरह ही यह परीक्षा तीन स्तरों पर आयोजित की जानी चाहिए। जिस विषय़ में छात्र स्नातक हैं उसी विषय में भारतीय शिक्षा सेवा परीक्षा से उत्तीर्ण होने के बाद देश के स्कूल और कॉलेजों में इनकी नियुक्ति शिक्षक के रूप में होनी चाहिए। इनका वेतनमान सबसे अधिक होना चाहिए। आईएएस और आईपीएस से भी अधिक इनका वेतन होना चाहिए। रिक्रूटमेंट की उम्र 25 साल और रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष होनी चाहिए। 40 साल एक शिक्षक उच्च संस्थान में छात्रों को शिक्षा देगा। इन शिक्षकों का दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटी मसलन ऑक्सफोर्ड, हावर्ड, कैम्ब्रिज सहित अन्य देशों के विश्वविद्यालयों के साथ एक्सचेंज टीचिंग प्रोग्राम होना चाहिए। समय-समय पर इन शिक्षकों की ट्रेनिंग होनी चाहिए जिस तरह से मसूरी में आईएएस ट्रेनिंग एकैडमी है उसी तरह से इंडियन टीचिंग ट्रेनिंग एकैडमी भी होनी चाहिए।

अब जरा गौर कीजिए कि अगर कोई उच्च स्तर का शिक्षक छात्रों को पढ़ाएगा तो शिक्षा का स्तर ऊपर होना लाजिमी ही है। मुझे ऐसा लगता है कि भारतीय शिक्षा सेवा से उत्तीर्ण होने वाला शिक्षक शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा कर सकता है…
-निश्चय विभु कुमार