हस्ताक्षर न्यूज.
उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से मानसून पूरी तरह विदा हो चुका है। शनिवार को कई राज्यों में मानसून की वापसी की घोषणा के साथ मौसम में बदलाव के संकेत साफ दिखने लगे हैं।
उत्तर प्रदेश में बारिश थम गई है, लेकिन नदियों का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान पार कर बह रही हैं। लखनऊ में गोमती नदी का पानी बढ़ने से 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई गलियों में नावें चल रही हैं।
बिहार में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। सारण में डूबने से 12 और सीवान में 6 बच्चों सहित कई मौतें हुई हैं। 20 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। गंडक नदी में उफान और तटबंध टूटने से 6 जिलों के करीब 466 गांव प्रभावित हैं। लगभग 8 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिनमें से 92 हजार से ज्यादा को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। नासा ने गंडक नदी की सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर बाढ़ की गंभीरता दिखाई है।
राजस्थान से करीब तीन दिन की देरी से शनिवार को मानसून पूरी तरह विदा हो गया। इस सीजन राज्य में सामान्य से करीब 22 प्रतिशत कम बारिश हुई। मानसून जाने के साथ गर्मी बढ़ने लगी है। पिलानी में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया। जयपुर में भी दिन का तापमान बढ़कर 37.4 डिग्री दर्ज हुआ।
मध्य प्रदेश से भी शनिवार को मानसून की विदाई हो गई। 24 जून को प्रवेश करने वाला मानसून 100 दिनों तक सक्रिय रहा। अक्टूबर में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। 7 अक्टूबर को पूर्वी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी शनिवार को मानसून पूरी तरह विदा हो गया। हिमाचल में सामान्य से 8 दिन देरी से विदाई हुई। उत्तराखंड में 5 अक्टूबर से पहाड़ी जिलों में मौसम बदलने के आसार हैं। 6-7 अक्टूबर को कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जबकि 8-9 अक्टूबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी संभव है।
झारखंड में अगले दो दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। 5 अक्टूबर के बाद कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं।





























