हस्ताक्षर न्यूज. दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर पिछले दो महीने से बड़ी हलचल मची हुई है। छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो-हल्ले और हंगामे में धीरे-धीरे तब्दील होता नजर आया।
शिक्षाविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस धरना स्थल से उठाकर ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाद से छात्रों का प्रदर्शन शोरगुल और हंगामे में तब्दील हो गया। हालांकि सरकार को किसी भी तरह से अभी तक कोई फर्क नहीं पड़ा है।
दूसरा हल्ला रविवार को लार्ड्स क्रिकेट मैदान में दिखा। जिस रोहित शर्मा के बारे में मीडिया और खेल जगत में बड़ी चर्चाएं हो रही थी कि यह उनका आखिरी वनडे मैच है। उसमें उन्होंने ऐसी यादगार पारी खेली कि अब सबके मुंह बंद हो गए।
रविवार रात को ही न्यूयार्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल खेला गया। पूरी दुनिया की निगाहें इस मैच पर लगी हुई थी। सबको यह उम्मीद थी कि मेसी की अर्जेंंटीना टीम कमाल का खेल दिखाएगी। मगर हुआ बिलकुल उलट। स्पेन ने मेसी तो क्या अर्जेंटीना के किसी भी खिलाड़ी को पूरे 120 मिनट तक किसी भी तरह का एग्रेसिव मूव ही नहीं बनाने दिया। स्पेन का डिफेंस इतना तगड़ा था कि अर्जेंटीना गोलपोस्ट की ओर बॉल ही नहीं मार पाया। केवल दो शॉट स्पेन की गोल की तरफ लगे जिसे स्पैनिश गोलकीपर ने बड़ी आसानी से डिफेंड कर लिया।
अब बात नकटी गांव की
नकटी गांव का हल्ला अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। ये बात सच है कि नकटी गांव के लोगों ने सरकारी जमीन पर बरसों से कब्जा कर रखा था। शासन-प्रशासन की तरफ से भी सरकारी प्रेसनोट जारी हुआ। बताया गया कि कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने बीस हजार से लेकर तीस हजार वर्ग फीट तक की जमीन पर कब्जा कर रखा था। बड़े-बड़े बाड़े बनाकर गाय-भैंस पाल रहे थे। कुछ तो खेती भी कर रहे थे। लेकिन यह भी सच है कि गांव के लोगों का पहले विस्थापन होना चाहिए था फिर उनके घर टूटने चाहिए थे…





























