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रायपुर में आरआरएस प्रमुख मोहन भागवत की शिकायत, ब्राह्मण समाज ने SP के नाम खत सौंपा

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रायपुर। आरआरएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा ब्राह्मण,पंडितों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर ब्राह्मण समाज द्वारा आरआरएस प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ विशेष विरोध है। ब्राह्मण समाज ने इस आपत्तिजनक शब्दो का खुलकर विरोध किया है राष्ट्रीय विप्र फाउंडेशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. विकास पाठक ने बताया कि मोहन भागवत आरआरएस प्रमुख है उनके द्वारा कहा गया कि पंडितों द्वारा जाती बनाई गई,ब्राह्मणों से इसे अलग-अलग वर्णों में बाटा यह आपत्तिजनक शब्द का हम सब ब्राह्मण समाज इसका विरोध करते है।इसी विरोध को लेकर गौड़ ब्राह्मण समाज रायपुर गुढ़ियारी, गौड़ ब्राह्मण समाज संस्था रायपुर,राष्ट्रीय विप्र फाउंडेशन एवं अन्य ब्राह्मण संस्था द्वारा एसपी आफिस में ज्ञापन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई।

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गौड़ ब्राह्मण समाज संस्था रायपुर,गौड़ ब्राह्मण समाज रायपुर गुढ़ियारी,राष्ट्रीय विप्र फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रहलाद मिश्र,बसंत तिवारी,किशन बाजारी, चरण शर्मा ने शिकायत दर्ज करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज वो समाज है जो सबको साथ लेकर चलता है।प्रहलाद मिश्रा ने कहा कि मोहन भागवत द्वारा जाती,वर्णों के बंटवारे के शब्दों का कहना सही एवं उचित नही बिना किसी तथ्य के इस तरह का आरोप पंडितों पर लगाना सही नही है ब्राह्मणों,पंडितों पर इस तरह की अशोभनीय टिप्पणी का हम सब ब्राह्मण समाज पुरजोर विरोध करते है और शिकायत दर्ज करते हुए मांग करते है कि आरआरएस प्रमुख मोहन भागवत जिस तरह सार्वजनिक मंच पर पंडितों के अपमान किये है उन्हें उसी तरह सार्वजनिक मंच पर माफी मांगनी चाहिए। यदि ऐसा नही हुआ तो अभी सिर्फ शिकायत किये है आगे और भी विरोध किया जाएगा।ब्राह्मण समाज सर्वे भवन्तु सुखिन अर्थात सब खुश रहे मिलकर रहे हम किसी प्रकार की जातिगत राजनीति नही करते आप इतिहास उठाकर देख सकते हो ब्राह्मण समाज ने सभी वर्गों को बसाया है और उन्हें शिक्षा दी है जबकि हमारे पूर्वजों ने ब्राह्मणों ने स्वयं के लिए जंगल चुना जहा सभी वर्गों को शिक्षा दी जाती रही है। इस तरह के शब्दों से पंडितों को ब्राह्मणों को बहुत तकलीफ हुई है उसी का विरोध किया जा रहा है और फिर से कह रहा हु वो सार्वजनिक रूप से माफी नही मांगेंगे तो इस तरह विरोध लगातार होता रहेगा।शिकायत दर्ज करने वालो में प्रमुख रूप से नरेश शर्मा, बसंत तिवारी,विकास शर्मा,वसर्वेश शर्मा,वेदपाल,आसुतोष शर्मा एवं ब्राह्मण समाज के समस्त सदस्य उपस्थित हुए।

ये कहा था भागवत ने
हाल ही में एक सभा के दौरान मोहन भागवत ने कहा था- जाति व्यवस्था ईश्वर ने नहीं बनाई है, बल्कि ये ‘पंडितों’ के द्वारा बनाई गई है। इस पर देशभर में ब्राह्मण समाज विरोध कर रहा है। बयान पर विवाद भड़कने के बाद आरएसएस ने अब इस पर अपनी सफाई दी है. इस पर संघ ने सोमवार को साफ किया कि भागवत ने जिस ‘पंडित’ शब्द का उपयोग किया था, उसका मतलब ‘बुद्धिजीवियों’ (intellectuals) से है, न कि ब्राह्मणों (Brahmins) से. आरएसएस के प्रचार प्रभारी सुनील आंबेकर ने बताया कि सरसंघचालक मराठी में बोल रहे थे. मराठी में पंडित का अर्थ बुद्धिजीवी (intellectuals) होता है. उनके बयान को सही परिप्रेक्ष्य में लिया जाना चाहिए।