हस्ताक्षर न्यूज.
कबीरधाम (कवर्धा), गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़ और जांजगीर-चांपा में इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज खुल जाएंगे। मगर सवाल सबसे बड़ा यह खड़ा होता है कि इन नए खुल रहे मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी किस तरह की है।
रायपुर के कुछ सीनियर डॉक्टर्स के बच्चे प्रदेश के कुछ अन्य मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज बस खुलने से कुछ नहीं होगा। अच्छे शिक्षकों की कमी है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए अच्छे शिक्षक का होना जरूरी है। MBBS करने के बाद डॉक्टर कुछ महीने के लिए गांव में प्रैक्टिस करने तक से कतराते हैं तो फिर अच्छा पढ़ा लिखा डॉक्टर कुनकुरी, गीदम, मनेंद्रगढ़ जैसे छोटे से शहर में किस तरह रहेगा। मेडिकल शिक्षा में अभी सबसे अधिक दिक्कत अच्छे शिक्षकों की है।
बहरहाल, 50-50 सीटों वाले शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू करने की फाइनल मंजूरी आ गई है और ये कॉलेज अगले कुछ दिन में होने वाली नीट काउंसलिंग में शामिल कर लिए गए हैं।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों के साथ सबसे पहले कवर्धा कॉलेज को संचालित करने के लिए ‘लेटर ऑफ परमिशन’ (LoP) जारी कर दिया है।
कबीरधाम समेत कुल 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी मिली है। सभी 5 कॉलेजों में 50-50 सीटें होंगी, जिससे राज्य में एक साथ 250 सरकारी एमबीबीएस सीटें बढ़ जाएंगी। इसी साल होने वाली NEET UG काउंसलिंग के जरिए इन सीटों पर छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। सरकारी कॉलेज होने के कारण इसकी 15% सीटें ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और 85% सीटें राज्य कोटा के तहत भरी जाएंगी। नए मेडिकल कॉलेज रायपुर के ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय’ से संबद्ध होंगे




























