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कर्नाटक जीत के बाद रायपुर से लेकर बस्तर तक कांग्रेसियों का नारा जय बजरंग बली, मोहन मरकाम ने क्या किया देखें

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रायपुर । कर्नाटक चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस के नेता अचानक बजरंग बली से बेहद करीबी महसूस कर रहे हैं। रायपुर से लेकर बस्तर तक कांग्रेस की जीत का जश्न मना और सभी जगहों पर एक बात समान रही वो था एक नारा, बजरंग बली की जय। भाजपा के जय श्री राम के नारे के जवाब में ये नारा कांग्रेस का सियासी सहारा बन चुका है। शनिवार के दिन मिली इस जीत के बाद कांग्रेस के नेता हर जगह बजरंग बली के मंदिर जा रहे हैं पूजा कर रहे हैं।

दरअसल चुनाव के समय कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजरंग दल को बैन किए जाने के जिक्र के बाद कर्नाटक का चुनावी माहौल बदल चुका था। भाजपा इस मुद्दे को बजरंग बली के अपमान से जोड़कर पेश करती रही। अब नतीजे आते ही कांग्रेस के नेता हर जगह बजरंग बली का जयकारा लगा रहे हैं।

कोंडागांव में एक जुलूस भी निकला इसमें बजरंग बली बने हुए बच्चे थे इन बच्चों का इस्तेमाल कांग्रेस के विजय जुलूस में इन्हें भगवान का रूप देकर किया गया। इस रैली की अगुवाई खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम कर रहे थे।


रायपुर में भी गूंजा बजरंग बली का जयकारा

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में नाचते हुए कांग्रेस नेताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया, जीत का लड्डू मुंह मंे जाते ही कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जय बजरंग बली का नारा लगाया।


बस्तर में विशाल हनुमान की पूजा
बस्तर जिला एनएसयूआई (शहर) जिलाध्यक्ष विशाल खम्बारी के नेतृत्व में सिरहासार चौक हनुमान मन्दिर में बजरंगबली जी की आरती की गई। प्रदेश महासचिव मनोहर सेठिया ने कहा कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत पर कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित विधायकों और समस्त कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को बहुत बहुत बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं।


बजरंग बली के साथ दिखे पार्षद कुकरेजा

रायपुर में पार्षद अजीत कुकरेजा ने बजरंग बली बने युवक के साथ जीत का जश्न मनाया। कुकरेजा ने कहा भारतीय जनता पार्टी कि नफ़रत कि राजनीति को कर्नाटक कि जनता ने नकार दिया है। : दूसरा कि राहुल गांधी व कांग्रेस पार्टी कि मोहब्बत और प्यार कि राजनीति को कर्नाटक कि जनता ने जीता दिया। अजीत कुकरेजा ने कहा कि जिस तरह भाजपा कर्नाटक विधानसभा चुनाव में धर्म के नाम पर नफ़रत कि राजनीति करने प्रयास कर रहे थे। उनके इरादों को जनता जान चुकी हैं। और आज उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया हैं और बता दिया हैं कि कर्नाटक कि जनता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे में बात करना चाहती हैं ना कि नफ़रत की।