कर्नाटक में जीत रायपुर में CM बघेल ने खाया लड्‌डू बोले- बजरंग बली कांग्रेस के साथ

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रायपुर। कर्नाटक में कांग्रेस जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। जश्न रायपुर में भी मन रहा है। बिलासपुर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस नेताओं को जीत का लड्‌डू खिलाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने धार्मिक रूप से वोटर को भड़काने का प्रयास किया मगर बजरंग बली कांग्रेस के साथ है। कांग्रेस को लाेगों ने जनता से जुड़े मुद्दों पर वोट दिया है।

चुनाव आयोग में जारी रुझानों के मुताबिक़ कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है जबकि बीजेपी काफ़ी पीछे चल रही है. अब तक आए रुझानों में कांग्रेस 120 से ज्यादा और बीजेपी 65 से ज़्यादा सीटों पर आगे चल रही है. वहीं जेडीएस क़रीब 20 से ज़्यादा सीटों पर आगे है. कर्नाटक में तगड़े चुनाव प्रचार के बाद 10 मई को मतदान हुआ था. राज्य के 36 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती की जा रही है.

न्यूज़ चैनलों के एग्ज़िट पोल्स में राज्य में बीजेपी की हार और कांग्रेस की जीत का अनुमान लगाया गया था. अब तक के रुझान में कांग्रेस स्पष्ट बहुमत हासिल करती नज़र आ रही है. 1985 के बाद राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार लगातार दो बार नहीं बनी है. रुझानों में एचडी कुमारस्वामी की जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) तीसरी बड़ी पार्टी बनती नज़र आ रही है. पहले माना जा रहा था कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सरकार बनाने के लिए जेडीएस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी. लेकिन अभी के रुझानों में कांग्रेस को मिलती बढ़त को देखते हुए ऐसी संभावना नज़र नहीं आ रही है.

224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के लिए 113 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए.मौजूदा विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी के 116 विधायक, कांग्रेस के 69, जेडीएस के 29, बीएसपी का एक और निर्दलीय दो विधायक हैं. छह सीटें खाली हैं जबकि एक स्पीकर की सीट है. लेकिन 2018 में जब चुनाव नतीजे आए थे तो विधानसभा की तस्वीर अलग थी. बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. कांग्रेस को 80 सीटें और जेडीएस को 37 सीटें मिली थीं. इसके अलावा बीएसपी और कर्नाटक प्रग्यावंथा जनता पार्टी (केपीजेपी) को एक एक सीटें आई थीं.हालांकि 38.04 वोट प्रतिशत के साथ कांग्रेस बीजेपी (36.22% वोट प्रतिशत) से आगे थी.

कर्नाटक चुनाव

बीजेपी ने अपना दावा पेश किया और सरकार बन भी गई, लेकिन विश्वासमत में ये सरकार गिर गई और फिर जनता दल (सेक्यूलर) और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनी. जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने.

14 महीने की ये सरकार तब गिर गई जब सत्तारूढ़ सरकार के बाग़ी विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया.

बीजेपी के विधायकों की संख्या 104 से 121 हो गई और उसने सरकार बना ली. हालांकि इस दौरान भाजपा ने दो मुख्यमंत्रियों को बदला.

पहले येदियुरप्पा और फिर उनको हटाकर बासवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाया गया.