हस्ताक्षर न्यूज.
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी और अन्य आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में गिरफ्तार कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गुरुवार सुबह जिला अस्पताल, पंडरी में मेडिकल परीक्षण के बाद ईओडब्ल्यू की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने उनकी रिमांड मांगी है।
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को लंबी पूछताछ के बाद रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार, उनसे कोयला लेवी प्रकरण के अलावा शराब घोटाला, धान खरीदी से जुड़े मामलों और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक मामलों में भी पूछताछ की जाएगी।
EOW की प्रेस नोट के मुताबिक, कोयला लेवी मामले की जांच के दौरान जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये के लेनदेन का उल्लेख मिला है। एजेंसी का दावा है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन लेनदेन, राशि के स्रोत, उपयोग और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ की जा रही है।
इसके अलावा शराब घोटाला और धान से जुड़े मामलों में भी कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही है।
इधर, रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से लगातार दो दिनों तक चली पूछताछ के बाद ईओडब्ल्यू ने उन्हें बुधवार देर रात छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक, उनसे विभिन्न वित्तीय लेनदेन, कंपनियों और दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की गई। फिलहाल उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, हालांकि जरूरत पड़ने पर एजेंसी उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुला सकती है।
रामगोपाल अग्रवाल का मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद ईओडब्ल्यू उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट में एजेंसी पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। अब इस मामले में सभी की नजर अदालत की कार्यवाही और ईओडब्ल्यू की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


























