रायपुर के इस भाजपा नेता ने क्या किया, पार्टी करती रही विरोध, ये डायनिंग टेबल पर खाते रहे बोरे-बासी

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रायपुर । पूरी भाजपा 1 मई के दिन बोरे-बासी दिवस जो कांग्रेस पार्टी और सरकार मना रही थी, इसका विरोध करती रही। मगर भाजपा के नेता ने पार्टी लाइन से हटकर इसदिन बोरे-बासी खाया और सोशल मीडिया व्यंजनों का आनंद लेते हुए तस्वीर अपलोड कर दी। किसी भी भाजपा नेता ने इस दिन बोरे-बासी खाते हुए तस्वीरें नहीं डालीं, मगर इन नेता जी ने पार्टी लाइन से कुछ हटकर करने की सोची।

इस तस्वीर के जरिए मंत्री का विरोध भाजपा ने किया।

ये नेता हैं रायपुर जिले के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल। भारतीय जनता पार्टी टेबल कुर्सी पर बैठकर बासी खाने वालों का विरोध करती रही। मंत्री जय सिंह अग्रवाल की एक तस्वीर डालकर भाजपा ने अपने आॅफििशयल सोशल मीडिया अकाउंट पर मंत्री को ट्रोल किया खुद भाजपा नेता राजीव अग्रवाल डायनिंग टेबल पर चम्मच कटलरी सजाकर बोरे-बासी खाते दिखे। अग्रवाल बासी खाकर खुद को मजदूर दिखाने की होड़ में इसका नाम बोरे-बासी की बजाए बोर बासी उच्चारित करते दिखे।

खुद भाजपा नेता डायनिंग टेबल पर बासी खाते दिखे।

क्या कहा भा भाजपा अध्यक्ष ने बोरे-बासी को लेकर
अरुण साव ने कहा- कांग्रेस और उनके लोग चम्मच से बोरे बासी खाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति बिगाड़ने का काम न करे। सैंकड़ों वर्षो से बोरे बासी खाने वाले लोगो को राजनीति के तहत ज्ञान न दे कांग्रेस। 1 मई को श्रमिक दिवस पर मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ को बोरे-बासी खाना सिखा रहे हैं! श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल को यह पता होना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के लोग सैकड़ों सालों से बोरे-बासी खा रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  साव ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल, उनकी सरकार और कांग्रेस के लोग जो बोरे बासी खा रहे हैं, वह सियासी ड्रामेबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है। श्री साव ने कटाक्ष किया कि सरकार और कांग्रेस के लोग चम्मच से बोरे-बासी खा रहे हैं! यह छत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति को बिगाड़कर अपमानित करने का काम है और मुख्यमंत्री बघेल, उनकी सरकार व कांग्रेस के लोग इससे बाज आएं। श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता जो सैकड़ों वर्षो से बोरे-बासी खा रही है, उसे बोरे-बासी खाना सिखाने का काम न करें।

 

बोरे बासी खाने में भाजपाईयों को शर्म क्यों आती है-कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बोरे बासी खाने में भाजपाईयों को शर्म क्यों आती है? भाजपा को छत्तीसगढ़ की संस्कृति खानपान से इतनी नफरत क्यों? श्रम दिवस के अवसर पर श्रमिकों के सम्मान में पूरा प्रदेश बोरे बासी खाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति खान-पान का उत्सव मना रहे है। लेकिन भाजपाई बोरे बासी का उपहास उड़ा कर एक बार और अपने छत्तीसगढ़िया विरोधी चरित्र को प्रदर्शित किया है। सोशल मीडिया में भाजपा और भाजपा से जुड़े लोगों ने सिर्फ बोरे बासी की बुराई की है। किसी भी भाजपा के बड़े नेता ने बोरे बासी खाते हुए अपनी तस्वीर शेयर नहीं की है, बल्कि उपहास उड़ाते टीका टिप्पणी और कमेंट करने का काम किया है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि असल मायने में भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है इसीलिए उन्हें बोरे बासी खाने में शर्म महसूस होता होगा। भाजपा यह भूल जाती है कि छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में सुबह का प्रिय और पौष्टिक भोजन बासी ही है जिसे खाकर किसान खेतों में हल चलाने जाता है, मजदूर मजदूरी करने जाता है, चरवाहा पशुधन को चराने जाता है, बच्चे बासी खाकर स्कूल जाते हैं और युवा बासी खाकर हाथ में बासी टिफिन लेकर कामकाज में जाते हैं। ऐसे में भाजपा के द्वारा बोरे बासी खाने वालों को लेकर की जा रही अशोभनीय टिप्पणी पूरे छत्तीसगढ़ीयो का अपमान है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार यहां पर खान-पान विलुप्त हो चुका था, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार खानपान को पुनर्जीवित करने काम किया है और सरकारी तौर इसका आयोजन किया है। हरेली तिहार, अक्ति में माटी पूजा दिवस, गोवर्धन पूजा, तीजा पोरा, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी नृत्य महोत्सव, कर्मा जयंती, पुन्नी मेला सहित तमाम प्रकार के जो सांस्कृतिक आयोजन है सरकार जनता के साथ मिलकर उसे मना रही है ।