हस्ताक्षर न्यूज. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के धरसींवा तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल (Basant Agarwal) द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर प्लॉट काटकर बेचने की पुष्टि हुई है। जांच के आधार पर जिला प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एसडीएम नंदकुमार चौबे ने बताया कि गिरौद गांव के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध प्लॉटिंग किए जाने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार के माध्यम से जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि कारोबारी द्वारा कई खसरा नंबरों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर नियम विरुद्ध प्लॉटिंग की गई है।

प्रशासन के अनुसार जांच प्रतिवेदन 18 फरवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायपुर को सौंपा गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राम गिरौद में शासकीय चारागाह, निस्तारी और जल क्षेत्र की भूमि पर अवैध रूप से सड़क बनाकर प्लॉट काटे जा रहे थे।

जांच के दौरान खसरा नंबर 511/5, 630, 634, 636, 638 और 644 सहित अन्य जमीनों पर अतिक्रमण पाया गया। राजस्व अभिलेखों के अनुसार निस्तारी-धरसा के नाम दर्ज कुल 6.39 हेक्टेयर सरकारी भूमि में से लगभग 4.51 हेक्टेयर हिस्से में बसंत अग्रवाल द्वारा मुरुम सड़क बनाकर कब्जा किया गया। कुछ स्थानों पर बाउंड्रीवाल बनाकर भी जमीन घेरने के मामले सामने आए हैं।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि खसरा नंबर 634 में भी अवैध प्लॉटिंग के लिए मुरुम सड़क बनाकर अतिक्रमण किया गया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद हल्का पटवारी द्वारा मौके का निरीक्षण कर विस्तृत जांच की गई, जिसमें नियमों के विरुद्ध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई।
एसडीएम ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार को तीन बार निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या प्लॉटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ राजस्व नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।




























