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CM भूपेश बघेल बोले- BJP 2018 में हारी थी, इस चुनाव में भी हारेगी,छत्तीसगढ़ में थर्ड फ्रंट का कोई प्रभाव नहीं

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में पुलिस ग्राउंड हेलीपेड में कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारियां जारी है। सेक्टर और जोन पर प्रशिक्षण शुरू हो गया है। 5 संभागीय सम्मेलन के बाद अब विधानसभा में प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर जोर हम दे रहे हैं। भाजपा सोशल मीडिया पर झूठ फैलाती है। कांग्रेस सच के साथ सोशल मीडिया पर काम करेगी।

बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर पर तंज कसते हुए है कहा कि उन्हें चुनाव के लिए कोई जिम्मेदारी दी गई है क्या? छत्तीसगढ़ में तो ओम माथुर ही भाजपा के लिए सब कुछ हो गए हैं। माथुर हर जगह दिखते हैं। मीडिया और ट्विटर में। भाजपा 2018 में हारी थी इस चुनाव में भी हारेगी। भाजपा को सफलता नहीं मिलने वाली। भाजपा के बड़े नेताओं के दौरे का कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

सीएम भूपेश ने कहा कि मणिपुर की स्थिति चिंताजनक है। पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह कर्नाटक चुनाव में व्यस्त रहे। बाद में गृहमंत्री 4 दिन तक वहां रहे फिर भी हालात सामान्य नहीं हो पाया है। छत्तीसगढ़ में नेताओं के नामकरण पर हो रही सियासत पर कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। छत्तीसगढ़ में तो बस्तर से सरगुजा तक स्थानीय नेताओं के नाम पर हैं। भाजपा के नेता गांधी नाम पर एक साथ उठ खड़े होते हैं। भाजपा को गांधी-नेहरू परिवार से परेशानी है। राहुल गांधी के खिलाफ लाइन से मोदी मंत्रिमंडल के सदस्य खड़े हो जाते हैं।

शराबबंदी की दिशा में नशा मुक्ति अभियान चलाने पर कहा कि यह एक बदलाव का सकारात्मक वातावरण बनाने की कोशिश है। गृहमंत्री अमित शाह के 22 जून को दुर्ग जिले के दौरे पर आने पर कहा कि उनका मेरे गृह जिले में स्वागत है। चुनाव प्रचार अपनी पार्टी के लिए करते हैं, तो अच्छी बात करें, कांग्रेस को कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में भाजपा अरुण साव को सीएम प्रोजेक्ट करती है, तो करे कांग्रेस को भी इंतजार है, भाजपा से चेहरा कौन होगा। छत्तीसगढ़ में थर्ड फ्रंट का कहीं कोई प्रभाव नहीं है। यहां दो राष्ट्रीय दल के बीच मुकाबला रहा है।

सीएम ने कहा कि कर्नाटक में धर्मांतरण कानून में क्या बदलाव हो रहा है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। छत्तीसगढ़ में मध्य प्रदेश का जो कानून है वो चल रहा है। रमन सरकार में 2006 में धर्मांतरण पर बिल लाया गया, जो राष्ट्रपति के पास लंबित है। भाजपा ऐसे मुद्दों पर सिर्फ गुमराह करती है। भाजपा को अगर कोई कानून बनाना है, तो केंद्र से बना लें और सभी राज्यों में लागू करा लें।