भानुप्रतापपुर में कांग्रेस: देखिए कैसे हर बार उप चुनाव हारी भाजपा, ब्रम्हानंद पर रेप के आरोप के बाद मिले कितने वोट

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रायपुर । गुरुवार को भानुप्रतापपुर के चुनावी नतीजे सामने आए। कांग्रेस ने यहां जीत हासिल की। इस सीट के दिवंगत कांग्रेसी विधायक मनोज मंडावी की पत्नी को जनता ने जिता दिया। अब सावित्री ही यहां से विधायक बनीं हैं।

मंडावी ने बीजेपी प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम को 21,171 वोटों से हराया है। इस बड़ी जीत के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है। भानुप्रतापुर उपचनाव के नतीजों पर सीएम भूपेश बघेल ने बयान दिया कि नतीजा बता रहा है कि सरकार पर लोगों का भरोसा कायम है।

भानुप्रातपपुर के इस उपचुनाव में कुल 1,41,662 वोट पड़े। कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी को 65,479 वोट, बीजेपी प्रत्याशी को 44308 वोट और आदिवासी समाज के उम्मीदवार अकबर राम को 23,417 वोट मिले हैं। नोटा को 4251 वोट मिले हैं।


हर बार भाजपा की हार
साल 2018 में दंतेवाड़ा की सीट से भाजपा के भीमा मंडावी ने चुनाव जीता। मंडावी नक्सल हमले में मारे गए सितंबर 2019 में उपचुनाव हुआ। यहां दिग्गज कांग्रेसी नेता महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा को जीत मिली। ये सीट अब कांग्रेस के पास है।

साल 2019 में चित्रकोट में उपचुनाव हुए। क्योंकि यहां से कांग्रेस के चुने विधायक दीपक बैज को लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना पड़ा वो जीत गए ये सीट खाली हुई तो कांग्रेस के ही राजमन बेंजाम ने उपचुनाव जीता और विधायक बने।

साल 2020 नवंबर में मरवाही में उपचुनाव हुए। यहां से विधायक रहे छत्तीसगढ़ के पहले सीएम अजीत जोगी की मौत के बाद जनता कांग्रेस से ये सीट कांग्रेस पास चली गई। कांग्रेस से केके ध्रुव को मौका मिला जीत गए। इसी साल 2022 में खैरागढ़ इस सीट से जेसीसीजे के विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुआ कांग्रेस की यशोदा निलाम्बर वर्मा जीत गईं।

और अब भानुप्रतापपुर के चुनाव में भी भाजपा कोई कमाल नहीं कर सकी। यहां भी कांग्रेस को ही जीत मिली।