Tax aadha bachat jyada
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पॉटी से लोग बन रहे करोड़पति, यह कंपनी दे रही है मोटी रकम, जानिए क्या है मामला

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हर सुबह उठकर शौचालय जाना कई लोगों को समय खराब करने जैसा लगता है. बहुत से लोग तो अक्सर ये कहते सुने जाते हैं कि अगर इंसान को लघु शंका और दीर्घ शंका न करना पड़ता तो उसका वक्त कितना ज्यादा बच सकता था. कुछ लोग सुबह टॉयलेट में फोन या न्यूजपेपर लेकर जाते हैं जिससे उस वक्त का सही उपयोग कर सकें. पर क्या आप जानते हैं कि पॉटी करने का वक्त असल में समय की बर्बादी नहीं है, ऐसा कर के आप करोड़पति (Company offer 1.5 crore for human excreta) भी बन सकते हैं! शायद आपको हमारी बात पर यकीन ना हो, पर ये बिल्कुल सच है.

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मनीकंट्रोल वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और कनाडा में स्थित एक कंपनी ह्यूमन माइक्रोब्स (Human Microbes) स्टूल डोनर्स (Stool Donors) की तलाश में है. यानी वो लोग जो रिसर्च के लिए अपनी पॉटी कंपनी को दें. इसके बदले में कंपनी उन लोगों को 500 डॉलर (41 हजार रुपये) तक देगी. ये रुपये एक दिन के हिसाब से है, यानी एक साल में उम्मीदवार 1,80,000 डॉलर (1.5 करोड़ रुपये) तक कमा सकता है. कंपनी दुनिया के किसी भी देश से पूप सैंपल लेने के तैयार है और उसके बदले में डोनर को ये रकम दी जाएगी.

पैसे कमाने के लिए क्या करना होगा?
अगर आपको लगता है कि इतने रुपये आपके मल के दान के लिए पर्याप्त नहीं हैं तो आप कंपनी की वेबसाइट पर जाकर अपने अनुसार उसका दाम तय कर सकते हैं. मल से करोड़पति बनने के लिए आपको कुछ नियमों का पालन करना पड़ेगा. कंपनी ने सेलेक्शन के लिए पहले एक प्रश्नावली तैयार की है जिसे उम्मीदवार को भरना होगा. इसके बाद कंपनी कुछ इंटरव्यू करेगी और प्रत्याशी का टेस्ट लेगी. इन सारी चीजों का खर्चा भी कंपनी अपनी तरफ से उठाएगी. अगर कोई सेलेक्ट हो जाता है तो कंपनी काम शुरू करने से पहले ही कुछ रुपये भेज देगी. इसके बाद चुने हुए व्यक्ति को ड्राय आइस शिपिंग के जरिए मल को कंपनी के पास भेजना पड़ेगा. आप सोच रहे होंगे कि अगर दूसरों को ऐसे काम के बारे में पता चला तो वो मजाक बनाएंगे. तो आपको बता दें कि कंपनी ने इस बात का भी ध्यान रखा है. वो डोनर की पहचान को गोपनीय रखेंगे.

मल से क्या करेगी कंपनी?
अब सवाल ये उठता है कि कंपनी किसी डोनर के मल का क्या करेगी? इंसान के मल में कुछ अच्छे और कुछ बुरे बैक्टीरिया होते हैं. दुनिया में सिर्फ 0.1 फीसदी ऐसे लोग हैं जिनके मल में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, यानी उन्हें ना ही किसी तरह की बीमारी है, उनका पेट पूरी तरह ठीक है. ऐसे लोगों के स्टूल को कंपनी पहचानेगी और उन्हें स्टूल पर रिसर्च करने वाले विशेषज्ञों से जोड़ेगी. इन उच्च गुड़वत्ता वाले डोनर्स के मल से अच्छे बैक्टीरिया पर शोध किया जाएगा.