हस्ताक्षर न्यूज. प्रगतिशील विचारों की महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्रिका पहल के संपादक व विख्यात कथाकार ज्ञानरंजन (Gyanranjan) का आज 7 जनवरी को रात 10.30 बजे जबलपुर में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। आज सुबह ही उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था।
साहित्यिक बिरादरी में ज्ञानरंजन महाकौशल के अग्रणी साहित्यकारों में आते थे, जबलपुर का बौद्धिक वर्ग उनके नाम से जाना जाता रहा। ज्ञानरंजन ने पहल पत्रिका को साहित्य जगत मे नई ऊंचाई दी। मुझे आज भी याद है, ज्ञानरंजन जब भी रायपुर आए वो हमारे घर हमेशा खाना खा कर ही गए। पापा विभु कुमार के ज्ञानरंजन बहुत अच्छे मित्र थे। पापा पहल पत्रिका में लगातार लिखते रहते थे। पहल पत्रिका 90 के दशक में हर महीने डाक से हमारे घर पर आती थी। पहल पत्रिका को दिल्ली के साहित्यकार राजेंद्र यादव की हंस पत्रिका के शिखर तक ज्ञानरंजन लेकर गए।






























