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हिमालय की बर्फबारी से मैदानी राज्यों में बढ़ गई ठंड, अगले तीन दिन में पारा तीन डिग्री तक कम होने की संभावना

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हस्ताक्षर न्यूज

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सर्दी का असर अब पूरे देश में दिखने लगा है। हिमालय की ऊंची चोटियों पर हुई हालिया बर्फबारी ने मैदानी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। पहाड़ों से उतरकर आने वाली ठंडी हवाएं सीधे मैदानों तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में ठंड सामान्य से ज्यादा तीव्र हो सकती है।

हिमालय की ठंडी हवा का असर

हिमालय की 4,000 मीटर से ऊंची चोटियों पर हुई ताजा बर्फबारी का असर अब मैदानों में साफ नजर आ रहा है। इन ठंडी हवाओं को रोकने के लिए कोई प्राकृतिक अवरोध नहीं होने से शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। राजस्थान के 12 जिलों, मध्य प्रदेश के 10 जिलों, छत्तीसगढ़ के एक जिले और हिमाचल प्रदेश के आठ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे भोपाल, राजगढ़ और इंदौर अब देश के सबसे ठंडे शहरों की सूची में शामिल हो चुके हैं। ये शहर जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और श्रीनगर जैसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों के साथ टॉप 12 ठंडे स्थानों में शुमार हैं। स्थानीय लोगों को अब रातें काटना मुश्किल हो रहा है, और सुबह उठते ही ठंड का एहसास होने लगता है।

दक्षिण के राज्यों तक असर

उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण के हिल स्टेशन ऊटी में भी ठंड ने कमर कस ली है। यहां लौटते मानसून की हल्की बारिश के बीच ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई हैं। गाड़ियों की विंडशील्ड पर पाला जमने से चालकों को परेशानी हो रही है जबकि पेड़-पौधों पर चमकदार बर्फ की परत ने सर्दी की शुरुआत का संकेत दे दिया है।

दिल्ली यूपी में भी लुढ़का पारा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में ठंड का प्रभाव बढ़ रहा है। यहां तापमान में लगातार गिरावट आ रही है, जिससे शाम और सुबह के समय लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ रही है। बिहार जैसे राज्यों में भी यही हाल है, रात को चादर ओढ़ना अनिवार्य हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सर्दी अब और तेज होगी।

शीत लहर का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 नवंबर को कई राज्यों में शीतलहर चलेगी। इस दौरान ठंडी हवाओं की वजह से तापमान और नीचे जाएगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल सर्दी का मौसम ज्यादा कठोर रहेगा इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।