Tax aadha bachat jyada
Advertisement Carousel

रानू साहू पर हुई FIR , कांग्रेस सरकार के वक्त कमीशन खोरी करने वाले अफसरों पर ACB में केस दर्ज

0
134

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दो और मामलों में केस दर्ज किया है। प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन के आधार पर अब तक 4 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट पर एसीबी ने कस्टम मिलिंग मामले (चावल घोटाला) और डीएमएफ मामले में एफआइआर दर्ज की है।डीएमएफ मामले में एसीबी ने ईडी की रिपोर्ट के आधार पर विविन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में ईडी ने आरोप लगाया है कि निविदाओं के आबंटन में बड़े पैमाने पर पैसों की गड़बड़ी की गई है।

Narendra Modi Tax aadha bachat jyada

DMF में अलग-अलग दरों पर लिया गया था कमीशन
ईडी का आरोप है कि निविदा का गलत निर्धारण कर टेंडर डालने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया है। इसके लिए टेंडर राशि का चालीस प्रतिशत कमीशन लिया गया। निजी कंपनियों के द्वारा दायर टेंडरों पर 15 से 20 फ़ीसदी कमीशन अलग-अलग दरों पर लिया गया है। डीएमएफ मामले में रानू साहू को प्रमुख अभियुक्त बनाया गया है। रानू साहू के अलावा संजय शैडे, अशोक अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रिषभ सोनी को भी आरोपी बनाया गया है। साथ इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले मनोज द्विवेदी, रवि शर्मा, पीयूष सोनी, पीयूष साहू, अब्दुल और शेखर को भी अभियुक्त बनाया गया है। यह प्रारंभिक तौर पर दर्ज नाम हैं।
कस्टम मिलिंग  मामला
ईडी की ओर से कस्टम मिलिंग मामले में एसीबी में एफआइआर दर्ज कराई गई है। ईडी के प्रतिवेदन के अनुसार इस मामले में राईस मिलर्स जो कि कस्टम मिलिंग कर चावल जमा करते थे, उनसे प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब साठ रुपए की राशि वसूली जाती थी। कस्टम मिलिंग मामले में मार्कफेड के तत्कालीन प्रबंध संचालक मनोज सोनी, डीएमओ प्रीतिका पूजा केरकेट्टा, छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश रुंगटा, उपाध्यक्ष पारसमल चोपड़ा और कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर प्रमुख आरोपी बनाए गए हैं।