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छत्तीसगढ़: कांग्रेस ने कहा बीजेपी को ओबीसी वर्ग की नहीं बल्कि अडानी की चिंता

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा को ओबीसी वर्ग की चिंता नहीं है बल्कि अडानी की हेरा फेरी से देश की जनता का ध्यान कैसे भटकाये और अडानी मामले की जांच से कैसे बचें इसकी चिंता है? अरुण साव को वास्तविक में ओबीसी वर्ग की चिंता होती, ओबीसी वर्ग के मान सम्मान का ख्याल होता तो राजभवन जाकर 76 प्रतिशत आरक्षण बिल पर हस्ताक्षर करने दबाव बनाते। उक्त बिल में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जिसे भाजपा के नेता राजनीतिक स्वार्थ के चलते राजभवन के पीछे खड़े होकर बिल को रुकवाये हुये हैं।

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प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल तक छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार थी लेकिन ओबीसी वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व का अधिकार नहीं दिया गया बल्कि भाजपा हमेशा से आरक्षित वर्ग को दबाने का षड्यंत्र किया है उनके नेतृत्व को खत्म करने की साजिश की है भाजपा को वोट लेते समय ही आरक्षित वर्ग ख्याल आता है लेकिन भाजपा के शासनकाल में आरक्षित वर्ग को उनका अधिकार नहीं मिलता रहा है। आज सत्ता जाने के बाद जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग की बात कर रही है। यह मात्र राजनीतिक प्रेरित है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी और मोदी अडानी के रिश्तो पर पर्दा करने के लिए जो भावनात्मक खेल खेल रही है उसे देश और प्रदेश का हर वर्ग भलीभांति परिचित है। देश की जनता राहुल गांधी के उस सवाल के साथ खड़ी हुई है जो सदन में पूछा गया कि मोदी और अडानी के बीच में क्या रिश्ता है? बीस हजार करोड रुपए किसके हैं? एलआईसी, एसबीआई में जमा गरीबों के पैसे को किस आधार पर अडानी को दिया गया? और अडानी के हेराफेरी की जेपीसी जांच से मोदी सरकार और भाजपा क्यों भाग रही है?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा जिस प्रकार से नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चौकसी जो देश के गरीब जनता के पैसे में गड़बड़झाला कर भागे हैं जिसके विषय में राहुल गांधी ने कहा है उनको बचाने के लिए उन्हें ओबीसी समाज के अपमान से जोड़ रही है जबकि यह तीनों का ओबीसी समाज से कोई लेना-देना नहीं है और ओबीसी समाज भी ये बैंक फ्रॉड करने वालों को और देश छोड़कर भागने वाले बैंक डिफाल्टर को सजा दिलाने की मांग कर रही हैं। पैसे की रिकवरी की मांग कर रहे हैं।