हस्ताक्षर न्यूज. भारतीय गोल्फ के दिग्गज विजय कुमार का मंगलवार, 29 अप्रैल 2026 को लखनऊ में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 57 साल के थे। उनके निधन की पुष्टि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) ने की।
विजय कुमार के साथ लीडर बोर्ड में खेल चुके गोल्फर प्रदीप कुमार ने बताया कि केडी से अपना जीवन शुरू करने वाले गोल्फर विजय कुमार लखनऊ के मार्टिन पुरवा गांव के रोल मॉडल है। गांव के लगभग 200 से अधिक गरीब परिवार के बच्चे आज केवल विजय कुमार के कारण गोल्फ खेल रहे है। विजय कुमार बहुत गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे। लेकिन लखनऊ गोल्फ क्लब में केडी का काम करते हुए, उन्होंने खेल की बारीकियों को समझा और खेलना शुरू किया। 1996 से 2000 तक लगातार चार साल उन्होंने ऑर्डर ऑफ मेरिट टूर्नामेंट जीता। उस दौर में उनके साथ भारत के दिग्गज गोल्फर अली शेर, ज्योति रंधावा, जीव मिल्खा सिंह खेलते थे। लेकिन विजय कुमार ने उन सबको हराया।
शुरुआती जीवन और गोल्फ में एंट्री
जन्म 29 दिसंबर 1968, मार्टिनपुरवा गांव, लखनऊ
– शुरुआत कैडी (गोल्फर का बैग उठाने वाला) के रूप में करियर शुरू किया। उन्होंने साबित किया कि गोल्फ सिर्फ खास वर्ग का खेल नहीं है।
प्रोफेशनल करियर
– प्रो बने 1988 में पेशेवर खिलाड़ी बने
– दबदबा 1990 के दशक के बीच से लेकर अगले दशक की शुरुआत तक भारतीय घरेलू गोल्फ में अपना दबदबा बनाए रखा
– ऑर्डर ऑफ मेरिट चार बार ऑर्डर ऑफ मेरिट चैंपियन बने – 1995-96, 1997-98, 1998-99 और 1999-2000
सबसे बड़ी उपलब्धियां
– इंडियन ओपन 2002 दिल्ली गोल्फ क्लब में 2002 का इंडियन ओपन जीता। ये उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। वह इंडियन ओपन का खिताब जीतने वाले सिर्फ सात भारतीयों में से एक हैं
– अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व 1999 में सेंट एंड्रयूज, स्कॉटलैंड में अल्फ्रेड डनहिल कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया
. प्रभाव
– उनकी सफलता देखकर मार्टिनपुरवा गांव के 200 से अधिक कैडी आज उनके पदचिन्हों पर चल रहे हैं। कई खिलाड़ी तो पीजीटीआई टूर में प्रतिभाग कर चुके हैं
– पीजीटीआई ने कहा कि उनकी असाधारण उपलब्धियां उनके टैलेंट, कड़ी मेहनत और जुनून का नतीजा हैं, जिन्होंने भारतीय गोल्फ पर स्थायी प्रभाव छोड़ा।
निधन
– तारीख मंगलवार, 29 अप्रैल 2026
– कारण दिल का दौरा
– स्थानअपने गृहनगर लखनऊ में
– लखनऊ गोल्फ क्लब ने उनके सम्मान में बुधवार को तमाम गतिविधियां स्थगित रखीं गई।
विजय कुमार को भारतीय गोल्फ का “सच्चा दिग्गज” कहा गया। वे अपने परिवार – पत्नी और बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं।


























