Home छत्तीसगढ़ माइनिंग में केवल आयरन ओर की खदानों से पिछले दो साल में...
Advertisement Carousel

माइनिंग में केवल आयरन ओर की खदानों से पिछले दो साल में सरकार को एक हजार करोड़ का फायदा…. बॉक्साइट की पांच खदानों की नीलामी जल्द…. टीन अयस्क बेचने से ट्राइबल्स को तीन गुना हो रहा फायदा….

0
2

मीडिया से बातचीत में खनिज सचिव पी दयानंद ने बताया कि प्रदेश में पाए जाने वाले 28 से ज्यादा प्रकार के मिनरल्स के अन्वेषण एवं उत्खनन की प्रक्रिया आसान तथा पारदर्शी रहने की वजह से पिछले दो साल में राज्य सरकार की कमाई काफी बढ़ी है। इसमें छत्तीसगढ़ मिनरल्स कार्पोरेशन (सीएमडीसी) भी सहभागी है।  अभी 9 मिनरल्स (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला) की खनन, मार्केटिंग एवं अन्वेषण का काम सीएमडीसी कर रही है। बस्तर में अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए टिन अयस्क की खरीदी भी सीएमडीसी कर रही है। ट्राइबल को टिन विक्रय का सही मूल्य मिले, इसलिए खरीदी दर बढ़ाई गई है। इससे ट्राइबल को तीन गुना ज्यादा लाभ भी मिल रहा है और टिन ओर की खरीदी भी बढ़ गई है।

खनिज सचिव पी दयानंद ने बताया कि सीएमडीसी के सहयोग से बलरामपुर में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण चल रहा है, जिसके काफी अच्छे नतीजे आए हैं। कोल इंडिया और सीएमडीसी के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के लिए एमओयू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीएम साय के मार्गदर्शन में सीएमडीसी ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किए हैं। बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान के आयरन ओर के विक्रय से शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व तथा सीएम डीसी को लगभग 24 करोड़ रुपए का लाभ प्राप्त हुआ है। वर्तमान में सीएमडीसी द्वारा 5 बाक्साईट खदानों की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है।