UPSC की टॉपर इशिता की कहानी, पूरे देश में किया टॉप, अब बनेंगी IAS, जानिए इनका सफर

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दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की 2022 की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तर प्रदेश की इशिता किशोर (Ishita Kishore) ने टॉप कर सूबे का नाम रोशन किया है. सिविल सेवा परीक्षा 2022 का फाइनल नतीजा मंगलवार को घोषित किया गया. इस बार कुल 933 अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की है. ग्रेटर नोएडा की रहनेवाली इशिता किशोर को पहला स्थान मिला है. फाइनल नतीजों की घोषणा के साथ इशिता किशोर को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.

यूपीएससी सिविल सर्विस 2022 परीक्षा में इशिता किशोर (रोल नंबर 5809986) ने पूरे देश में पहला स्थान पाया है. उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के साथ परीक्षा पास की है. उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया है.

UPSC CSE 2022 परीक्षा में ऑल इंडिया टॉपर रहीं इशिता किशोर हमेशा से टॉपर रही हैं. एअर फोर्स बाल भारती स्कूल और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली से पढ़ीं इश‍िता ने बचपन में ही ठान लिया था कि वो आईएएस अफसर बनेंगी.

इशिता की सफलता की कहानी

इश‍िता किशोर के पिता एअरफोर्स में अफसर हैं और पूरा परिवार ग्रेटर नोएडा में रहता है. इश‍िता ने साल 2014 में बाल भारती से 12वीं की पढ़ाई पूरी की इसके बाद 2017 में श्रीराम कॉलेज ऑफ कामर्स से इकोनॉमिक्स ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया. UPSC परीक्षा में ये उनका तीसरा अटेंप्ट था.

पिता को देखकर बनाया लक्ष्‍य

इशि‍ता आज रिजल्ट का इंतजार कर रही थीं, लेकिन उन्हें ये अंदाजा नहीं था कि वो ऑल इंडिया टॉपर बनेंगी. जैसे ही रिजल्ट आया तो उनका नाम हर तरफ छा गया. उन्होंने अपनी मां को ये बात बताई तो वो भी खुशी से झूमने लगीं. इश‍िता ने बताया कि मैंने अपने पिता को हमेशा देश सेवा में तत्पर देखा है. इसलिए बचपन में ही मुझे पिता को देखकर ख्याल आ गया था कि मैं भी बड़ी होकर देश हित में ही कोई ऐसा जॉब करूंगी ज‍िससे पापा की तरह वतन की सेवा कर सकूं.

घर पर रहकर की पढ़ाई
इश‍िता ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी के लिए घर से ही पढ़ाई की. उनके ऑप्शनल सब्जेक्ट पॉलिट‍िकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन थे. तीसरा अटेंप्ट था तो क्या ऐसा महसूस हो रहा था कि इस बार आपका चांस है? इश‍िता ने कहा कि इंटरव्यू के वक्त उम्मीद सभी एस्प‍िरेंट्स रखते हैं. काफी मेहनत की थी तो मुझे ये तो यकीन था कि इस बार निकाल दूंगी.

आईएएस बनकर इशिता किशोर की क्या है प्राथमिकता?

सिविल सेवा 2022 की टॉपर इशिता किशोर ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की ठान ली थी. उन्होंने परीक्षा में सफलता के लिए कड़ी मेहनत की. कड़ी मेहनत और धैर्य का इनाम इशिता किशोर को आज मिल गया. आईएएस बनकर इशिता किशोर जनसेवा से जुड़े कामों को प्राथमिकता के तौर पर करना चाहती हैं. उनका कहना है कि आज के नतीजों ने मेरी उम्मीदों को पूरा करने का काम किया है. बता दें कि कुल 933 सफल अभ्यर्थियों में 613 पुरुष और 320 महिलाएं हैं. लाखों अभ्यर्थियों का सपना आईएएस, आईपीएस और आईएफएस बनने का होता है.

तैयारी करते वक्त ईमानदार रहना चाहिए
इशिता ने कहा ‘तैयारी करते वक्त हमें बहुत ईमानदार रहना चाहिए और बताना चाहिए कि कितनी तैयारी की है और किस स्टेज पर हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शैक्षिक योग्यताओं के अलावा आपको भावनात्मक रूप से बहुत मजबूत होना चाहिए। साथ ही हमें सब्र भी रखना चाहिए।’

आज जारी हुए रिजल्‍ट
सिविल सर्विस प्रीलिम्‍स परीक्षा, 2022 का आयोजन 05 जून, 2022 को किया गया था. इस परीक्षा के लिए कुल 11,35,697 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,73,735 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे. सितंबर, 2022 में आयोजित लिखित (मेन्‍स) परीक्षा में उपस्थित होने के लिए कुल 13,090 उम्मीदवार क्‍वालिफाई हुए थे. कुल 2,529 उम्मीदवार इंटरव्‍यू के लिए क्‍वालिफाई हुए थे. फाइनल रिजल्‍ट आज 23 मई को जारी हुए हैं.