RO NO.....12737/20

बापू के दिखाए मार्ग पर चलकर छत्तीसगढ़ ग्राम स्वराज्य की दिशा में आगे बढ़ रहा : सीएम बघेल

0
149

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। उन्होंने कहा है कि गांधीजी के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ ग्राम स्वराज की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने इस लक्ष्य को साधने के लिए सुराजी गांव योजना शुरू की है और नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी को नये रूप में विकसित किया जा रहा है। सुराजी गांव योजना के बने गौठानों आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सुराजी गांव योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। इस काम को और आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना की शुरूआत की गई है। इससे पशुपालकों और ग्रामीणों से गोबर और गोमूत्र खरीदा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आधार मिला है।

RO NO.....12737/20

बघेल ने कहा कि महात्मा गांधी की करूणा, छत्तीसगढ़ सरकार का मूलमंत्र है। तीन साल पहले 2019 में गांधी जयंती के दिन ही हमने कुपोषण के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया था, इसके उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। लगभग 50 प्रतिशत कुपोषित बच्चों को हम कुपोषण से बाहर लाने में सफल रहे हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है। गांधी जी ने सबकी अच्छी सेहत के लिए कई प्रयोग किए इसलिए हमने सार्वभौम स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिता दी है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से हम अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश में लगे हैं।

बघेल ने महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अछूतोद्धार यात्रा के लिए गांधीजी का छत्तीसगढ़ आना और गंजडबरी के सतनामी आश्रम, रायपुर के जैतूसाव मठ में गांधी जी द्वारा की गई सभा, बिलासपुर के बैतलपुर के कुष्ठ आश्रम में महात्मा गांधी की यादें आज भी जीवंत है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान छत्तीसगढ़ में उनके कंडेल आने की खबर ने ही किसानों को जीत दिला दी थी। गांधीजी के छत्तीसगढ़ आगमन ने महिलाओं, विद्यार्थियों, सफाई कर्मचारियों सहित सभी नागरिकों को देश प्रेम के नये जोश और ऊर्जा से भर दिया और प्रदेश में सत्य-अहिंसा, समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव की अलख जगायी। श्री बघेल ने कहा कि हम सब गांधीजी के पदचिन्हों पर चलते हुए ‘नया छत्तीसगढ़’ गढ़ेंगे और उनके ग्राम स्वराज्य के सपने को साकार करेंगे।