कांग्रेस का बड़ा खुलासा – गन प्वाइंट पर कारोबारियों को डराकर फर्जी बयान लिए, सबूत हैं तो अदालत में पेश करे ED

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रायपुर । छत्तीसगढ़ में जारी ईडी की कार्रवाई पर कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। उन्होंने कारोबारी अनवर ढेबर जो ईडी की गिरफ्त में हैं, उसके बयान को आधार बनाकर कहा कि गन प्वाइंट पर ED कारोबारियांे को धमकाकर सरकार के खिलाफ बयान देने को कह रही है। सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रही है। कोरे कागज पर साइन करवाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भी ED से कहा है कि भय का माहौल न बनाएं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि साजिश के तहत CM भूपेश बघेल का नाम लेने को आरोपियों से कहा जा रहा है। सुशील ने ईडी की तुलना डाकू खड़ग सिंह से की। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि ईडी के पास 2 हजार करोड़ के शराब घोटाले से जुड़े कोई भी सबूत नहीं हैं। यदि सबूत हैं तो इन्हें अदालत में पेश करें और सरकार को बदनाम करने का प्रयास बंद करें।

  • कांग्रेस के प्रमुख दावे एक नजर में
    27 – 28 फरवरी 2020 में इंकम टैक्स आईटी ने 28 लोगों के यहां छापा मारा, बरामद संपत्ति की जानकारी नहीं दी गई। उस समय जो छापे थे फेल हुए।
    कुछ चैट मिले इनके आधार पर बयान लिया था, अपने बयान में शराब कारोबारी ने छत्तीसगढ़ में किसी भी शराब घपले को गलत बताया है।
    आईटी को कुछ नहीं मिला तो चैट ईडी को दिया ईडी ढाई साल तक दबाकर बैठी थी, इंतजार कर रहे थे चुनावी साल आए तो कार्रवाई का षड़यंत्र कर सरकार काे बदनाम किया जाएगा।
    उसी चैट के आधार पर जिनके यहां इंकम टैक्स का छापा पड़ा ईडी ने छापेमारी की
    ईडी ने जिनके यहां छापा मारा उन शराब कारोबारी अधिकारियों को सीआरपीएफ की सुरक्षा में ईडी कार्यालय में लाकर घंटों बैठाया गया।
    मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के बाद छोड़ दिया गया। डराए गए लोगों का कोरे कागज में हस्ताक्षर कराया, जबरिया हस्ताक्षर कराया है।
    ED द्वारा 18-18 घंटे बैठाया गया, लिखवाया गया कि पूर्व में जो भी बयान कहीं सार्वजनिक करेंगे तो परिजनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    अनेक लोगांे के घर की महिलाओं को भी देर रात बुलाकर पूछताछ कर धमकाया जा रहा है। शारीरिक मानसिक रूप से परेशान कर आधी रात हस्ताक्षर कराया गया।
    मानसिक रूप से थके लोगांे के बयान की कानूनी अहमियत नहीं होती है।
    बलपूर्वक बयान के आधार पर कह दिया गया 2000 करोड़ा शराब घोटाला हुआ।
    बदनाम करने की साजिश की गई सरकार को।
    कारोबारियों को विवश किया गया गलत बयान देने पर।
    ईडी के पास मोबाइल चैट के सिवा कुछ नहीं है, गन प्वाइंट पर तैयार किए कारोबारियों के बयान।
    2020 में आयकर अधिकारियों द्वारा 2023 ईडी के छापे असफल होने की खीझ छुपाने के लिए 80 करोड़ की सपत्ति अनवर ढेबर, नितेश पुरोहित की जब्त की।
    इन परिवारों के पास दशकों से कारोबार है जो जब्त किया उनसे कई गुना नंबर 1 की संपत्ति पहले से है। ईडी सिर्फ 80 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर बता रहे हैं ये साजिश है।
    हमारी मांग है कि अदालत में दस्तावेज पेश करें यदि कोई ठोस सबूत है तो। कोई प्रमाण है तो सार्वजनिक करें।
    ईडी की जो कार्रवाई है उसमें भय का वातावरण किया जा रहा है सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है। कबिल सिब्बल द्वारा अनवर, पप्पू जैसे कारोबारी और 56 से अधिक अधिकारी जिन्हें ईडी प्रताडित कर रही है वो सुप्रीम कोर्ट गए हैं वहां बताया गया है कि सीएम का नाम लेने का दबाव बना रही है ED।