भिलाई में साधुओं के साथ मॉब लिंचिंग, भीड़ ने बच्चा चोर बताकर जमकर पीटा

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दुर्गा । भिलाई के चरोदा इलाके में 3 साधुओं को बुरी तरह से पीट दिया गया। लोगों ने इन्हें बच्चा चोर बताकर लाठी, डंडों से मारा, एक साधू का सिर फोड़ दिया। मामला बुधवार है मगर गुरुवार को वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में अई। मारपीट करने वालों के खिलाफ अब केस दर्ज करने की बात कही जा रहा है। मारपीट में बुरी तरह से घायल हुए साधू राजस्थान के अलवर के रहने वाले हैं।

बुधवार की दोपहर ये चरोदा इलाके में भीख मांग रहे थे किसी ने बच्चा चोर होने का अरोप लगाकर मारपीट की। देखते ही देखते पुरे इलाके के लोग जमा हो गए। मॉब लिंचिंग की गई। अब साधुवो की शिकायत पर भिलाई सेक्टर तीन पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।

यह हुआ कल

मिली जानकारी के अनुसार भिलाई -3 थाना क्षेत्र के चरौदा गांव में दशहरा के दिन तीन लोग साधू के भेष में घूम-घूमकर भीख मांग रहे थे। इस दौरान अफवाह उड़ी कि तीनों साधु के भेष में बच्चा चोरी के इरादे से घूम रहे हैं। फिर क्या था भीड़ ने इनकी जमकर पिटाई कर दी। शिकायत मिलने के बाद इस मामले में भिलाई तीन पुलिस ने साधु भेषधारी तीनों व्यक्तियों का मुलाहिजा कराया। प्रारंभिक इलाज के बाद इन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

भाजपा ने लगाया गंभीर आरोप
पूरी घटना की जानकारी भारतीय जनता पार्टी को हुई तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कांग्रेस से सवाल किया । कहा कि प्रदेश में अगर कोई अफवाह फैला रहा है तो सरकार समय रहते उस पर लगाम क्यों नहीं लगा पाई ?साव ने सवाल किया कि ऐसा क्या हो गया है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में जब मुख्यमंत्री स्वयं वहां मौजूद थे उनकी मौजूदगी में इतनी बड़ी घटना छत्तीसगढ़ में हो गई और पुलिस कुछ भी कहने से बचती रही?साव ने सवाल किया कि मंदिरों के पुजारी, मंदिरों के बाहर बैठने वाले भिक्षुक, साधु संत, पूजा पाठ करने वाले लोगों की सुरक्षा के प्रति सरकार उदासीन क्यों है?साव ने चिंता जताई की कही ऐसा न हो कि अफवाह के चलते किसी निर्दोष व्यक्ति की जान चली जाए?

कांग्रेस ने की निंदा

कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने वीडियो जारी कर कहा कि दुर्ग के चरोदा में तीन साधुओं के साथ मारपीट की घटना निंदनीय है अस्वीकार्य है।पुलिस ने fir दर्ज कर लिया है ।जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।जन सामान्य से अपील है अफवाहों में आ कर कानून हाथ मे न ले ।राजनैतिक दलों से अनुरोध है घटना का गलत प्रस्तुतिकरण न करे अनर्गल गलत बयान बाजी से समाज का माहौल खराब ना करे।