हस्ताक्षर न्यूज. यह सच है कि किसी भी नयी चीज़ को सीखने की कोई तय उम्र नहीं होती. कोई भी व्यक्ति किसी भी काम को किसी भी उम्र में सीखना शुरू कर सकता है. जीवन मे हर व्यक्ति रोजी-रोटी कमाने के लिये कुछ न कुछ कर रहा है. रोजी-रोटी के फ़ेर में इंसान अपने शौक को भूलता जाता है या फिर उसे मन के भीतर दबाता चले जाता है. लेकिन हर इंसान के जीवन मे ऐसा वक़्त आता है जब वो खुद के लिये जीना चाहता है. अपनी खोई हुई चाहत या फिर यह भी कह सकते है कि अपने दबे हुए शौक को पूरा करने की चाहत फिर से उभर कर आती है. ऐसे वक़्त मे पेशेवर व्यक्ति अपनी दिनचर्या से कुछ वक़्त निकालकर उस शौक को पूरा करने की कोशिश करता है. ये शौक किसी भी तरह के हो सकते है. मसलन किसी व्यक्ति को पेंटिंग, किसी को स्पोर्ट्स, किसी को राइटिंग, किसी को वाद्ययंत्र बजाने, गाना सीखने का शौक हो सकता है.
आज हम गिटार की बात करेंगे. गिटार एक ऐसा म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट है, जिसके प्रति रुझान किशोरावस्था में ही होने लगता है. लेकिन अधिकतर होता यह है कि करिअर बनाने की दौड़ में यह रुझान पीछे रह जाता है.
रायपुर की युफ़नी गिटार अकादमी ऐसे लोगों के लिये एक मिसाल बन रही है. इस गिटार अकादमी में अधिकतर प्रोफेशनल लोग गिटार सीखने आते है. अकादमी के संस्थापक और गिटार टीचर संचित राय अमेरिका से गिटार की पूरी शिक्षा दीक्षा लेकर आये है. उन्होंने रायपुर में गिटार अकादमी की शुरुआत की. अकादमी की खासियत यह है कि इसमे ऐसे लोग गिटार सीख रहे है, जिन्होंने 20 साल पहले गिटार खरीद लिया लेकिन उसे थोड़ा बहुत सीखने के बाद छोड़ दिया. ऐसे लोग आज गिटार सीख कर अपने परिवार और दोस्तों के बीच live perform….कर रहे है.
गिटार टीचर संचित राय बताते है कि उनकी क्लास में कॉर्पोरेट, डॉक्टर, इंजीनियर, कारोबारी, हाउस वाइफ, जर्नलिस्ट सहित अन्य पेशेवर लोग अपने संगीत प्रेम को दोबारा जीवित कर रहे है.
ऐसे कुछ लोग जिन्होंने फिर से पायी नयी धुन
अंशुल तिवारी (42), DGM, NTPC
कॉर्पोरेट ज़िम्मेदारियों के बीच अंशुल ने गिटार को आराम और मानसिक संतुलन का साधन बनाया। अब वे कहते हैं कि दिनभर की थकान मिटाने के लिए गिटार की धुन सबसे असरदार है।
मोनालिसा जाटी (36), स्पीच थैरेपिस्ट, AIIMS रायपुर
उनके लिए गिटार प्रैक्टिस दिनभर के काम के बाद मानसिक शांति और आत्म-देखभाल का सबसे अच्छा ज़रिया है।
प्रतीक राठ (35), सेल्स इंजीनियर
व्यस्त नौकरी के कारण प्रतीक ने सोचा था कि संगीत बस सपना रह जाएगा। लेकिन युफ़नी की ट्रेनिंग से उन्होंने अपनी खुद की रचना भी प्रस्तुत की है।
वेंकट केंबाई (25), व्यवसायी
उनके लिए गिटार सीखना न सिर्फ़ एक रचनात्मक शौक़ है बल्कि कामकाज की भागदौड़ के बीच संतुलन और ध्यान का साधन भी बन गया है।
……….
अलग अंदाज की शिक्षा
●व्यस्त जीवनशैली के अनुरूप संक्षिप्त अभ्यास रूटीन
●प्रेरणा बनाए रखने के लिए गीतों और रचनात्मकता पर ज़ोर
●सहयोग और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला दोस्ताना माहौल
अकादमी के संस्थापक संचित राय की राय
वयस्क सीखना शुरू करते हैं तो उन्हें अहसास होता है कि उम्र कोई रुकावट नहीं। बल्कि वयस्कों में अनुशासन, धैर्य और भावनात्मक गहराई होती है, जो उनके संगीत को और भी अभिव्यक्तिपूर्ण बना देती है।
जीवनशैली में बदलाव
●तनाव से राहत
●रचनात्मक अभिव्यक्ति
●पुराने सपनों से पुनः जुड़ने का माध्यम
भविष्य की धुन
रायपुर एक आधुनिक शहर के रूप में उभर रहा है, युफ़नी गिटार अकादमी यह साबित कर रही है कि संगीत सिर्फ़ बचपन का शौक़ नहीं — बल्कि जीवनभर का साथी है। रायपुर के वयस्क आज एक-एक स्ट्रम से अपनी ज़िंदगी में नई धुन जोड़ रहे हैं…….