हस्ताक्षर न्यूज. सैंटपॉल स्कूल के 1980 बैच के पास आउट आलोक अराधे को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है. केंद सरकार की मुहर लगते ही वे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नियुक्त कर दिये जायेंगे. वर्तमान मे आलोक अराधे बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 25 अगस्त को हुई बैठक में हाई कोर्ट के दो वरिष्ठ मुख्य न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है. कॉलेजियम ने बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विपुल मनु भाई पंचोली के नाम प्रस्तावित किये है.
अब इस तरह से नियुक्त होंगे सुप्रीम कोर्ट में
कॉलेजियम के प्रस्ताव के बाद अगर केंद्र सरकार इस सिफारिश को मंजूरी देती है, तो सुप्रीम कोर्ट अपने 34 न्यायधीशों की स्वीकृत संख्या तक पहुंच जायगा. जस्टिस आलोक और जस्टिस विपुल को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस नियुक्त करने का निर्णय पांच सदस्य की कॉलेजियम ने लिया है. इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम न्यायधीश शामिल हैं. सुप्रीम और हाई कोर्ट में न्यायधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया कॉलेजियम के द्वारा शुरू की जाती है.
Memorandum of procedure के अनुसार भारत के मुख्य न्यायाधीश प्रस्ताव प्रारंभ करते है. फिर कॉलेजियम से परामर्श करते हैं. इसके बाद ये सिफारिश केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री को भेजी जाती है. जो इसे प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति को सलाह के लिये अग्रेषित करते है. अंत मे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद जस्टिस की नियुक्ति होती है.
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी बयान में जस्टिस आलोक और जस्टिस विपुल की पदोन्नति की सिफारिश की गई है.
सैंट पॉल स्कूल से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
1980 में रायपुर के सैंट पॉल स्कूल से 11 वीं कक्षा पास करने के बाद आलोक अराधे ने बीएससी और एलएलबी की डिग्री हासिल की. जबलपुर हाई कोर्ट में उन्होंने 12 जुलाई 1988 को अधिवक्ता के रूप मे नामांकन कराया. उन्होंने जबलपुर हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की, सिविल, संविधानिक, मध्यस्थता और कंपनी मामलों के वे वकील रहे. अप्रैल 2007 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप मे नामित किया गया.
29 दिसम्बर 2009 को आलोक को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायधीश के रूप मे नियुक्त किया गया. 15 फरवरी 2011 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया. 2016 में जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट में उनका तबादला हुआ. वहां वे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश थे. 2018 में कर्नाटक हाई कोर्ट में भी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे. जुलाई 2023 में उन्हें तेलंगाना हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया. वहां से उनका तबादला बॉम्बे हाई कोर्ट में हुआ. वर्तमान मे वे बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं.