छत्तीसगढ़ के इन सांसदों को सड़क पर बैठना पड़ा, पुलिस ने गाड़ी रोक दी, जानिए क्या है पूरा मामला

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रायपुर । नारायणपुर जाने के लिए निकले सांसद मोहन मंडावी, सांसाद संतोष पांडे, पूर्व मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा को बीच रास्ते में ही पुलिस ने रोक लिया। सांसदाें को आगे जाने नहीं दिया गया, इस वजह से नहीं सड़क पर बैठकर सांसदों ने धरना दे दिया। काफी देर तक यही हालात नहीं, आखिरकार पुलिस ने इन्हें आगे नहीं जाने दिया। कहा गया कि इनके नारायणपुर जाने से वहां की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। दरअसल सोमवार को नारायणपुर में धर्मांतरण की वजह से हुए बवाल के बाद कुछ आदिवासियों के साथ मारपीट की गई, चर्च में तोड-फोड़ हुई और नारायणपुर के SP का भीड़ ने सिर फोड़ दिया था।

अब इस मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार तानाशाही दिखाते हुए लोकतंत्र की हत्या कर रही है। बेरुन थाना के सामने सांसद व बस्तर भाजपा प्रभारी संतोष पांडेय, भाजपा प्रदेश महामंत्री व राज्य के पूर्व वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप, सांसद मोहन मंडावी, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा को रोका गया।

प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा कि हमारे नेताओं को नारायणपुर जाने से रोका गया, इससे प्रमाणित हो गया है कि कांग्रेस धर्मांतरण करने वाले लोगों के कदमों में गिर गई है।आदिवासियों का उत्पीड़न चरम सीमा को लांघ चुका है। छत्तीसगढ़ में अब आपातकाल जैसे हालात हैं। ईसाई मशीनरियों का संरक्षण करते हुए आदिवासियों को पीटने वालों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। उनकी संस्कृति को उनसे छीन रही है। धर्मांतरण करने वालों का संरक्षण कर रही है। धर्मांतरण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही भाजपा के नेताओं को अब नारायणपुर जाने से रोकने का मतलब है कि छत्तीसगढ़ में आपातकाल के हालात हैं। विपक्ष को दबाया जा रहा है। कुचला जा रहा है। मीडिया की आवाज को भी दबाया जा रहा है। आदिवासियों की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्हें पीटा जा रहा है।
आदिवासियों की संस्कृति को बचाने के लिए कांग्रेस के जितने जुल्म हों, भाजपा सहन करने तैयार है। भाजपा आदिवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उनके साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ भाजपा आवाज उठाती रहेगी।