श्रद्धा मर्डर केस जैसा मामला छत्तीसगढ़ में, PSC की तैयारी कर रही युवती की हत्या, कार में छुपा रखी थी लाश

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रायपुर । एक लड़की जो CGPSC की तैयारी में जुटी थी। जो आंखों में डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना पाल रही थी उसकी हत्या कर दी गई। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवती की हत्या कर 4 दिनों तक लाश को आरोपी ने अपने कार की डिक्की में छिपा कर रखा था मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले की जांच की जा रही है।

पूरा मामला न्यायधानी बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि, भिलाई की रहने वाली युवती बिलासपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। वह पिछले 4 दिनों से लापता थी। जिसकी लाश आज यानी कि शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में एक सेंट्रो हुंडई कार में मिली। सिविल लाइन पुलिस ने शव को बरामद कर लिया है और जांच में जुट गई है।

मृतिका का नाम प्रियंका सिंह बताया जा रहा है, जो भिलाई की रहने वाली है। वह पिछले 4 दिनों से लापता थी, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। मिली जानकारी के अनुसार शेयर मार्केट के पैसे के लेनदेन को लेकर आरोपी युवक आशीष साहू ने प्रियंका का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद प्रियंका की लाश को गाड़ी में छुपा कर घर में कार को रख दिया। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

छात्रा को आरोपी से करीब 11 लाख रुपए लेने थे। भिलाई सेक्टर 7 निवासी प्रियंका सिंह (24) सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के टिकरापारा मन्नू चौक स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रूम लेकर रहती थी। वह यहां PSC की तैयारी कर रही थी। बीते 15 नवंबर को वह अचानक गायब हो गई। उसके परिजनों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया, तब मोबाइल बंद मिला। उसके रूम पार्टनर से पूछने पर पता चला कि वह रूम नहीं लौटी है। इससे घबराए प्रियंका का भाई हिमांशु सिंह दूसरे दिन बिलासपुर पहुंचा और सिटी कोतवाली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। तब से पुलिस उसकी लगातार तलाश में जुटी हुई थी।

प्रियंका के चिल्लाने पर आवाज न आए इसलिए उसने मेडिकल स्टोर में रखे रूई का बंडल निकालकर उसके मुंह में दबा दिया। हत्या के इस वारदात में हैरानी की बात यह है कि, आरोपी आशीष चार दिन तक लाश को दुकान में छिपाकर रखा रहा। और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। दुकान और आसपास बदबू न फैले, इसके लिए आरोपी आशीष परफ्यूम और सेंटेड अगरबती का उपयोग करता रहा।

आरोपी आशीष साहू ने प्रियंका की हत्या की बात कबूल ली है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसकी दुकान के सामने नाली से प्रियंका का मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिसे उसने हत्या की वारदात के बाद नाली में डाल दिया था। कस्तूरबा नगर निवासी आशीष साहू ने चौकसे कॉलेज से फार्मेसी किया। इसके बाद अपनी डिग्री हासिल कर वह दयाबंद में सिटी फार्मेसी के नाम से मेडिकल स्टोर संचालित करने लगा। मेडिकल दुकान नहीं चलने पर वह शेयर मार्केट में पैसा लगाने लगा। साल 2020 में उसकी शादी हो गई।

प्रियंका स्कूल के समय से ही पढ़ाई में होनहार थी। घर में आर्थिक परिस्थिति ठीक थी। उसके पापा बैंक में मैनेजर हैं, और दादा BSP में कार्यरत थे। ऐसे में वह अपने पॉकेट मनी को बचाकर रखती और अपना खर्च चलाने के लिए इन्वेस्ट करती थी। वह ट्यूशन पढ़ाकर भी पैसे जुटाकर रखती थी।

दयालबंद के पंजाबी कॉलोनी स्थित जिस कोचिंग सेंटर में प्रियंका पढ़ने जाती थी। वह मेन रोड से अंदर है। लिहाजा, प्रियंका और उसकी सहेलियां सिटी फार्मेसी मेडिकल स्टोर सामने अपनी गाड़ी खड़ी करती थी। कोचिंग के बाद बाहर आने पर वहां सहेलियों से बातें करती थी। प्रियंका हमेशा अपनी सहेलियों की आर्थिक मदद करती थी, और काफी उदार स्वभाव की थी। इसी दौरान करीब सात माह पहले आशीष से उसकी जान पहचान हुई। उसकी आर्थिक स्थिति को जानकर आशीष ने उसे शेयर मार्केट में प्रॉफिट होने की जानकारी दी। इसके बाद प्रियंका हर माह शेयर मार्केट में पैसे लगाने लगी।

शेयर मार्केट के पैसे पर प्रतिमाह 40 प्रतिशत का प्रॉफिट हो रहा था। पिछले माह प्रियंका ने 12 लाख रुपए आशीष को दी थी, जिसमें से साढ़े तीन लाख रुपए प्रॉफिट देने की बात दोनों के बीच तय हुई थी। पर शेयर मार्केट में हुए घाटे की वजह से आशीष रकम नहीं दे पाया। वहीं, प्रियंका ने पैसे देने के लिए उस पर दबाव बनाया, तब उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

पढ़ाई में होनहार प्रियंका प्रशासनिक अफसर बनना चाहती थी। यही वजह है कि वह शहर आकर PSC की तैयारी कर रही थी। दिसंबर में उसका कोचिंग पूरा होने वाला था। इसके बाद वह अपने घर जाकर तैयारी करने की योजना बनाई थी।