मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नंदकुमार साय ने मजदूरों के साथ खाया बोरे बासी: अथान, चटनी, भाजी, बड़ी-बिजौरी के साथ किया सामूहिक भोज

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर के साइंस कॉलेज स्थित प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान सीएम और कांग्रेस में आज शामिल हुए वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने मजदूरों के साथ श्रमिक दिवस पर बोरे बासी का आनंद लिया। अथान, चटनी, भाजी, बड़ी-बिजौरी और गोंदली के साथ बोरे-बासी तिहार में शमिल होकर मजदूरों के साथ जमीन पर बैठकर सामूहिक भोज किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 4 सालों में 2 लाख 94 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीयन श्रम कार्यालय में हुआ है और इन श्रमिकों को रोजगार भी मिला है। मेधावी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति राशि को बढ़ाया गया है। 10वीं और 12वीं में पढ़ाई करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को 85% से अधिक अंक लाने पर 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। श्रमिकों के जीवन में बदलाव लाने के लिए नवीन योजनाओं की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोरे बासी में गजब विटामिन भरा हुआ है। छत्तीसगढ़ के बासी में” डॉ. खूबचंद बघेल की लिखी पंक्तियों के साथ अपनी बात की शुरुआत की । उन्होंने कहा कि आज हमारे श्रमिकों का त्योहार है, आज हमारा प्रदेश जिस बढ़िया स्थिति में है उसकी वजह हमारे श्रमिकों का श्रम है। पिछले 4 साल से हमारी सरकार श्रमिकों और किसानों के लिए काम कर रही है। यह सहायता सीधे खाते में राशि जा रही है। इससे वे अपने पसंद की वस्तु खरीद सकते हैं। लॉकडाउन से जब दुनिया जूझ रही थी तब हमारे मजदूर काम कर रहे थे। हमारे प्रदेश ने उन कठिन दिनों में भी मंदी नहीं देखी, इसके पीछे आपका श्रम है। नीले रंग की मोबाइल मेडिकल गाड़ी आती है और निःशुल्क इलाज हो जाता है। श्रमिकों की मृत्यु या दुर्घटना हो जाने पर राशि दी जा रही है। महिला श्रमिकों के लिए ई रिक्शा का अनुदान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए मानदेय बढ़ा दिया गया है। तीज त्योहार हमारे श्रमिक भाई खूब मन से मनाते हैं। इसे प्रोत्साहन देने का काम हमारी सरकार द्वारा हो रहा है। आज का दिन हम बोरे बासी त्योहार के रूप में मनाया जा रहा है। पिछले साल सबने बोरे बासी खाई। श्रमिकों के भोजन का सम्मान किया। अपने खानपान के सम्मान का गौरव हमें है। करमा और ददरिया जैसे गीत श्रमिक गाते हैं। हम इन्हें केंद्र में लाये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोरे-बासी छत्तीसगढ़िया श्रमिकों की संस्कृति का अहम हिस्सा है और उनके सम्मान और योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए ही बोरे-बासी तिहार मनाया जा रहा है। बोरे-बासी श्रमिकों का प्रिय आहार भी है और उनके जीवन का अहम हिस्सा भी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमिकों का योगदान अमूल्य है और उनके प्रयासों से हम नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे है।

इस मौके पर श्रम मंत्री, डॉ शिव कुमार डहरिया, पूर्व सांसद नंद कुमार साय, विधायक कोंडागांव मोहन मरकाम, संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा, महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक, रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन,संसदीय सचिव श्री शफी अहमद आदि मौजूद रहे।